7 सितंबर से 16 सितंबर तक चलेगा विशेष अभियान
कासगंज , 06 सितंबर 2021।
जनपद में कोविड की तीसरी लहर से बचने के लिए टीकाकरण ही सबसे बड़ा हथियार है । सात सितम्बर से शुरू हो रहे विशेष अभियान मेंं 45 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने अभी तक टीके की एक भी डोज नहीं लगवाई है सरकार द्वारा निर्देश दिया गया हैै। टीमेंं घर-घर जाकर टीबी, ज्वर, कोविड के लक्षण युक्त लोगों और नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान करेगी। यह विशेष अभियान 7 सितंबर से 16 सितंबर तक चलेगा। यह अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जाएगा।
डीएम के निर्देश पर सम्बंधित विभाग आपसी सन्वय बनाकर काम करेंगे। विशेष अभियान में कोविड संवेदीकरण, ज्वर पीड़ित व्यक्ति, कोविड तथा क्षय रोग के लक्षण युक्त व्यक्तियों और नियमित टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों की पहचान करेगी ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल कुमार ने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण को रोकने सबसे बड़ी चुनौती है । कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए यह बेहद खतरनाक है जिले में 7 सितंबर से 16 सितंबर तक यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
सीएमओ ने बताया सर्दी, जुखाम व बुखार पीड़ित, टीबी रोगी, डेंगू संचारी रोग नियंत्रण पखवाड़े के तहत मंगलवार से महा अभियान की शुरुआत होने जा रही है । जिसमें सर्दी, जुखाम व बुखार पीड़ित, टीबी व डेंगू आदि लक्षण वाले लोगों की सूची तैयार कर सैंपल और स्लाइड तैयार किए जाएंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी राजकुमार सारस्वत ने बताया कि कोविड-19 की तीसरी लहर की संभावना के बीच डेंगू, मलेरिया व वायरल बुखार के प्रकोप से बचने के लिए सात सितंबर से विशेष संवेदीकरण व संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू किया जा रहा है, जो 16 सितंबर तक चलाया जाएगा ।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ अंजुश सिंह ने कहा अभियान में पल्स पोलियो की तर्ज पर ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में टीम घर-घर दस्तक देकर लक्षण के आधार पर मरीजों की सूची तैयार कर ली गई है।उन्होंने कहा कि बुखार के संदिग्ध मरीजों के साथ ही कोविड-19 टीका (प्रथम डोज) से वंचित 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को चिन्हित किया गया है। विभिन्न तरह के टीका से वंचित बच्चों को चिन्हित कर टीका लगवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कोरोना टीकाकरण के लिए 45 वर्ष से ऊपर वालेे व 0 से 2 साल तक के बच्चे एवं गर्भवती महिलाएं जो नियमित टीकाकरण से छूटे है उनको चिन्हित करके लाभान्वित किया जाएगा ।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ सीएल यादव ने बताया कि यह अभियान प्रत्येक गांव व वार्डों में चलेगा। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की टीमें तैयार की गईं। ये टीम घर-घर जाकर कोविड-19, बुखार, टीबी, डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया आदि के लक्षण वाले मरीजों को चिह्नित कर सूची तैयार करेंगी। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं, पंचायती राज विभाग, ग्राम्य विकास, शिक्षा विभाग, आइसीडीएस विभाग, नगर निकाय, वन विभाग, कृषि विभाग, राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), राष्ट्रीय सेवा योजना(एनएसएस), विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) व यूनिसेफ का भी सहयोग रहेगा। साथ ही डीटीओ डॉ अनुपम भास्कर ने कहा कि दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी से पीड़ित लोगों के बलगम की जांच होगी। सांस सहित अन्य हाई रिस्क रोगियों को चिन्हित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विशेष अभियान से संबंधित तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। एमओआइसी व प्रभारी चिकित्साधिकारी लक्षण के आधार पर मरीजों की जांच व उपचार सुनिश्चित कराएंगे।
कलप्रिट तहलका (राष्ट्रीय हिन्दी साप्ताहिक) भारत/उप्र सरकार से मान्यता प्राप्त वर्ष 2002 से प्रकाशित। आप सभी के सहयोग से अब वेब माध्यम से आपके सामने उपस्थित है।
समाचार,विज्ञापन,लेख व हमसे जुड़ने के लिए संम्पर्क करें।
