ETAH जैथरा की उदयपुरा पंचायत भृष्टाचार की भेंट चढ़ी
एटा। जैथरा ब्लाक क्षेत्र के अंतर्गत उदयपुरा ग्राम पंचायत के प्रधान हरिओम ने चुनाव से पहले पंचायत के लोंगों के सामने लोगों की मदद करने और विकास की गंगा बहाने जैसे कई वायदे किए। लेकिन गांव के लोगों को क्या मालूम था कि हरिओम चुनाव जीतने के वाद उनके अरमानों के साथ सचिव से मिलकर पानी फेर देगा।
उदयपुरा ग्राम प्रधान हरिओम और पंचायत पर तैनात सचिव दोनों मिलकर गांव वालों को चूने पर चूना लगा रहे है। विकास की बात करे तो प्रधान और सचिव ने ग्राम ने गलिओं में टूटी फूटी नालियां सही कराई है इंटर लाक ने नाम पर ठेंगा दिखाया गया है। गलियों में इन्टरलॉक हुई नहीं और काम का लाखों रुपया निकालकर बन्दर बाँट हो गया, जिसकी जानकारी गांव वालों को हुई तो उन्होंने उच्चाधिकारियों से गांव में हो रहे भृष्टाचार की शिकायत की जिसकी जाँच करने को खण्ड विकास अधिकारी आये और उन्होंने लोगों की शिकायत को सही पाया, जिसमे उन्होंने देखा तालाब की खुदाई मनरेगा मजदूरों से न कराकर जेसीबी मशीन के द्वारा खुदाई की जा रही है। और जिस गली का निर्माण पूर्ण दिखाया था की सतीस के घर से तालाब तक नाली और इन्टरलॉक निर्माण किया गया है, वह केवल कागजों में ही मिला। कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ था। मिली जानकारी के अनुसार प्रधान अपने चहेतों को मनरेगा का मजदूर बनाया गया है उनको पूरा पैसा दिया जाता है और अन्य को हजारों में केवल सौ दो सौ ही दिए जाते है। जाँच में दोषी पाये गए सचिव और प्रधान पर क्या कार्यवाही की जायेगी या गांधी छाप के आगे जाँच करता अपनी लार टपकाएँगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथ कहते है हमारी सरकार में गरीबों तक सरकार का पैसा पहुंच रहा है..? जब ऐसे भृष्टाचारी जनता और सरकार दोनों को चूना लगा रहे है।
