
लुफ्थांसा समूह के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कार्स्टन स्पोर ने कहा है कि भारतीय अंतरराष्ट्रीय यात्री बाजार में अधिकांश वृद्धि खाड़ी क्षेत्र की एयरलाइंस की वजह से रही है और उनका समूह Air India को अपनी बाजार हिस्सेदारी दोबारा हासिल करने के लिए एक मजबूत इकाई बनाने के भारत सरकार के विचार की सराहना करता है. भारत के अंतरराष्ट्रीय यात्री बाजार में अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस का दबदबा है जिनमें मुख्य रूप से अमीरात्स और कतर एयरवेज जैसे खाड़ी क्षेत्र वाली एयरलाइन शामिल हैं. मसलन, अमीरात्स एयरलाइन दुबई को मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोच्चि, कोलकाता, अहमदाबाद और तिरुवनंतपुरम से जोड़ने वाली 170 उड़ानों का संचालन करती है. टाटा समूह (tata group) ने घाटे में चल रही एअर इंडिया के लिए पिछले साल आठ अक्टूबर को सफलतापूर्वक बोली लगाई थी. टाटा समूह ने इस साल 27 जनवरी को इस एयरलाइन का परिचालन एवं नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था.
भारत में बड़े अवसर
यह पूछे जाने पर कि एअर इंडिया के टाटा समूह के मातहत आने के बाद लुफ्थांसा के भारत परिचालन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, स्पोर ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘भारतीय विमानन कंपनियों के लिए पहले की तुलना में भारतीय बाजार का एक बड़ा हिस्सा लेने का अवसर है. ईमानदारी से कहूं तो इस बाजार में अधिकांश वृद्धि खाड़ी स्थित एयरलाइंस की वजह से रही है. इस लिहाज से मैं एअर इंडिया को एक मजबूत खिलाड़ी बनाने के लिए भारत सरकार के विचार की सराहना करता हूं. हमें उम्मीद है कि हमारी साझेदार एअर इंडिया उन परिस्थितियों का फायदा उठाएगी. जर्मनी का लुफ्थांसा समूह स्विस, लुफ्थांसा और ऑस्ट्रियन एयरलाइंस सहित विभिन्न यूरोपीय एयरलाइन ब्रांड का संचालन करता है.
देश से उड़ानें बढ़ाएगी लुफ्थांसा
यह पूछे जाने पर कि लुफ्थांसा समूह भारत में किस तरह की साझेदारी की तलाश में है, उन्होंने कहा, ‘हमारा साझेदार एअर इंडिया है, यह स्टार एलायंस में भी शामिल है. हम बहुत करीब से देख रहे हैं कि विस्तार और अन्य एयरलाइंस के साथ क्या हो रहा है. स्टार एलायंस 27 एयरलाइंस का एक वैश्विक समूह है जिसमें यूनाइटेड एयरलाइंस, लुफ्थांसा ग्रुप, एयर कनाडा आदि शामिल हैं. स्पोर ने इस बात पर खुशी जताई कि भारत ने कोविड काल में शुरू की गई ‘एयर बबल’ व्यवस्था को अब खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा, हम भारत के लिए प्रति सप्ताह 42 उड़ानें संचालित कर रहे हैं और हम महामारी से पहले की 56 साप्ताहिक उड़ानों तक जल्द पहुंचना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत से बाहर और भारत जाने के लिए सीटों की मांग काफी अधिक है
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