बिजली की बढ़ती दरों के विरोध में भारतीय हलधर किसान यूनियन ने सौंपा ज्ञापन
एटा। मंगलवार को भारतीय हलधर किसान यूनियन की जनपद एटा इकाई ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस दौरान संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सिंह राघव ने कहा कि वर्तमान सरकार में जो बिजली की दर बढ़ाई जा रहीं हैं वो कहीं न कहीं गरीब किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों और कर्मचारियों की हैसियत की बहुत ऊपर जा रही हैं जोकि ग्रामीण क्षेत्रों में 8₹ प्रति यूनिट और शहरी क्षेत्रों में 9₹ प्रति यूनिट जो कि अन्य सभी प्रकार के अतिरिक्त चार्जों को लगाकर 14 से 15₹ पहुंचेगी जो गरीब लाचार बेबस किसानों, मजदूरों, मध्यमवर्गीय परिवारों की हैसियत से बाहर है, इसीलिए महोदय से निवेदन है कि तत्काल प्रभाव से ऊर्जा मंत्री और चेयरमैन को हटाया जाए, क्योंकि ये आपकी सरकार और आपकी लुटिया डुबोने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं, क्योंकि शहर, कस्बों और गांवों में दिए जा रहे रोस्टर के अनुसार, बिजली आपूर्ति नहीं हो पा रही है जिसके कारण बिजली आती कम है और जाती ज्यादा है क्योंकि लाइनों का मेंटिनेंस जीरो है, लोड और लाइन तथा पवार विद्युत कनेक्शन दिन दूने रात चौगुने बढ़ रहे हैं तथा दूसरी तरफ कर्मचारियों की छंटनी करने तथा उनको हटाने में लगे हुए हैं, कही- कहीं संविदाकर्मी लाइनमैन रातदिन काम कर रहे हैं फिर भी काम समय पर पूरा नहीं हो पाता है क्योंकि संसाधन के नाम पर जीरो और काम निपटाने के लिए कर्मचारी ही नहीं हैं।इसलिए फीडर के हिसाब से कर्मचारियों की कमी है और हर काम ठेकेदारों के रामभरोसे चल रहा है और अधिकारी भी जमीनीस्तर पर काम न करवाकर कमीशन के चक्कर में लगे रहते हैं।
साथ ही सुधीर सिंह राघव ने कहा कि हमारे प्रदेश का किसान वैसे भी दैवीय आपदा का मारा है कहीं सूखा, कहीं ओले या फिर बेमौसम बरसात का सामना करना पड़ता है इसलिए बिजली के रेट न बढ़ाए जाएं, विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से व्यवस्थित कराई जाए, अवर अभियंता सुनिश्चित किए गए पावर हाउस क्षेत्र में ही निवास बनाएं जिससे जनता की समय से मदद हो सके, अगर बिजली विभाग का निजीकरण होता है तो किसानों को मिलने वाली फ्री बिजली की व्यवस्था पर निश्चित तौर पर असर पड़ेगा, विद्युत विभाग को निजी हाथों में सौंपने वाले इरादों को तत्काल दफना दें।जिसमें आपकी और आपकी सरकार की भलाई है, अन्यथा आगामी विधानसभा चुनाव में विपक्ष में भी बैठने लायक नहीं बचेंगे जो कुछ मंत्री मनमर्जी और हिटलरशाही तथा भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रहे हैं उनकी समीक्षा करें, आप अगर इन बातों से बेखबर है तो गलत है और जानकारी है तो सरासर नाइंसाफी हो रही है, हम किसानों के साथ किसान हितैषी सरकार बताकर हमारे किसान भाइयों का शोषण और खून चूसने का काम आपके नेता और अधिकारी निरंतर करते जा रहे है। अतः इन सभी बिंदुओं पर गंभीरता पूर्वक विचार नहीं किया जाता है तो उग्र आंदोलन, प्रदर्शन पूरे प्रदेश में होना निश्चित है जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आपकी सरकार एवं विभाग की होगी, क्योंकि हमारे लिए किसान हित सर्वोपरि था, है और हमेशा रहेगा, हमारी दूसरी मांग है कि जनपद एटा की सदर तहसील में कार्यरत तहसीलदार संदीप सिंह जो कि हमेशा से किसानों की बिना देरी किए मदद कर रहे थे उनका स्थानांतरण किस कारण से किया गया जिससे जनपद के किसान दुखी हैं,हमारी तीसरी मांग है कि आए दिन प्रायः देखा जाता है कि हमारे देश के चौथे स्तंभ मीडिया के साथियों/ पत्रकार बंधुओं पर हमले हो रहे हैं और उनको प्रताणित किया जा रहा है हमारा संगठन जनपद के जिलाधिकारी महोदय एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय से निवेदन करता है कि सभी सम्मानित पत्रकार भाइयों के हितों की रक्षा करें जिससे वो अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता कर सकें और सच्ची और सही खबरें निकालकर समाज में प्रेषित कर पाएं। इस अवसर पर एटा जिलाध्यक्ष मोo आरिफ कुरैशी इमरान अली, जयप्रकाश यादव जिला उपाध्यक्ष, जयप्रकाश यादव चचा, तहसील अध्यक्ष विश्वनाथ प्रताप सिंह, जिला उपाध्यक्ष जेपी यादव अंबारी, मुबीन अहमद नगर अध्यक्ष ,रिहान कोषाध्यक्ष, आसिफ नगर सचिव, तारिक नगर प्रचार प्रसार मंत्री, राहुल नगर उपाध्यक्ष, अभय नगर उपाध्यक्ष, आशीष नगर महासचिव, असद नगर सचिव, नावेद नगर सचिव, अमन नगर सचिव युवा, रशीद नगर मुख्य महासचिव आकिब नगर मुख्य सचिव, अनस नगर उपाध्यक्ष, इकराम खान नगर वरिष्ठ उपाध्यक्ष, के साथ साथ राहुल राजपूत, उवैश, राहुल कश्यप, फैजान, राहुल, वेद, औनपाल, सोनू, अनमोल सोनी, अभिषेक, जाविद,, जितेंद्र पाल सिंह राघव, प्रदीप यादव तहसील उपाध्यक्ष एटा, मनोज चौहान, सर्वेश यादव , संतोष तिवारी के साथ साथ सैकड़ों कार्यकर्ता एवं किसान उपस्थित रहे।