जिलाधिकारी एटा ने जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर की बड़ी कार्यवाही, एक दर्जन का वेतन रोका
★ सम्पूर्ण समाधान दिवस में जांच अधिकारी द्वारा गलत आख्या प्रस्तुत करने की गई कार्यवाही
एटा। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह ने सम्पूर्ण समाधान में प्राप्त शिकायतों के गलत निस्तारण आख्या प्रस्तुत करने पर बीडीओ सकीट, सीडीपीओ शीतलपुर, तीन थानाध्यक्षों, 07 लेखपालों का वेतन रोकते हुए कार्यवाही की है
सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त प्रार्थनापत्रों के संबंध जांच अधिकारीगण द्वारा प्रस्तुत आख्या का अवलोकन 05 जुलाई को अमर जिलाधिकारी प्रशासन/प्रभारी अधिकारी शिकायत सत्य प्रकाश द्वारा सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान किया गया।
प्रस्तुत आख्याओं के अवलोकन से यह तथ्य संज्ञान में आया कि प्रश्नगत प्रकरणों में जांच अधिकारीगण द्वारा न तो आंवेदक/शिकायतकर्ता से सम्पर्क किया गया है और न ही मौके का निरीक्षण किया गया है। जांच आख्या में शिकायतकर्ता को सन्तुष्ट दर्शित कर आख्या संलग्न की गयी है, जबकि फीडबैक प्राप्त करने पर यह ज्ञात हुआ कि शिकायतकर्ता असंतुष्ट है
डीएम ने जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर खण्ड विकास अधिकारी सकीट उमेश अग्रवाल, थानाध्यक्ष रिजोर, थानाध्यक्ष मलावन, थाना बागवाला, बाल विकास परियोजना अधिकारी शीतलपुर, सतेन्द्र लेखपाल कमसान, नीरज यादव लेखपाल झिनवार, उमेश कुमार लेखपाल कमालपुर बरौली, सुमित कुमार लेखपाल होर्ची, प्रदीप कुमार माथुर लेखपाल नगला कन्होली, संतोष कुमार लेखपाल बख्सीपुर खास, विकास लेखपाल मोहनपुरा का माह जुलाई, 2025 के वेतन आहरण पर रोक लगाई गई है। ये अधिकारीगण, कर्मचारीगण अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेगें कि उनके द्वारा विधिक रूप से शिकायत का निस्तारण क्यों नहीं किया गया। स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करने की स्थिति में सम्बन्धित अधिकारीगण के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी जिसके लिए सम्बन्धित अधिकारीगण स्वयं जिम्मेदार होंगे।
