नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए वित्त मंत्रालय ने एक बड़ा और लाभकारी कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय के तहत फाइनेंशियल सर्विस डिपार्टमेंट (DFS) ने Composite Salary Account Package लॉन्च किया है।
इसका उद्देश्य कर्मचारियों को एक ही सैलरी अकाउंट के माध्यम से बैंकिंग, इंश्योरेंस और कार्ड से जुड़े कई फायदे उपलब्ध कराना है। इस नए पैकेज से कर्मचारियों के लिए सुविधा, सुरक्षा और वित्तीय लाभ तीनों ही बढ़ेंगे।
इस पैकेज का सबसे बड़ा आकर्षण इसका जीरो-बैलेंस अकाउंट है। कर्मचारियों को न्यूनतम बैलेंस रखने की बाध्यता नहीं होगी। इसके अलावा, RTGS, NEFT और UPI जैसी डिजिटल पेमेंट सुविधाओं पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। बेसिक बैंकिंग जैसे चेक बुक और लॉकर की सुविधा भी इसमें शामिल है।
कर्मचारियों को इस अकाउंट के तहत होम लोन, एजुकेशन लोन, व्हीकल लोन और पर्सनल लोन जैसी सुविधाओं पर रियायती ब्याज दरें मिलेंगी। इसके साथ ही लोन प्रोसेसिंग चार्ज में भी छूट दी जाएगी, जिससे कुल वित्तीय लागत कम होगी।
पैकेज में पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस ₹1.5 करोड़ और एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस ₹2 करोड़ तक उपलब्ध होगा। इसके अलावा, स्थायी पूर्ण या आंशिक विकलांगता की स्थिति में भी ₹1.5 करोड़ तक का कवरेज मिलेगा।
कर्मचारियों के लिए टर्म लाइफ इंश्योरेंस ₹20 लाख तक उपलब्ध है। आवश्यकता पड़ने पर टॉप-अप विकल्प से कवर बढ़ाने की सुविधा भी मिलती है।
इस पैकेज में कर्मचारी और उनके परिवार के लिए हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज भी शामिल है। बेस प्लान के साथ टॉप-अप सुविधा के जरिए जरूरत पड़ने पर कवरेज बढ़ाया जा सकता है।
Composite Salary Account में कर्मचारियों को डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, कैशबैक, रिवॉर्ड प्रोग्राम और अनलिमिटेड ट्रांजैक्शन जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। मेंटेनेंस चार्ज नहीं लिया जाएगा।
कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि अकाउंट खोलने से पहले अलग-अलग बैंकों के फीचर्स की तुलना करें। उदाहरण के लिए, Central Bank of India में Cadre C कर्मचारियों को साल में चार घरेलू और दो इंटरनेशनल लाउंज विजिट मिलेंगे, जबकि Cadre A और B कर्मचारियों को हर तिमाही दो घरेलू और दो इंटरनेशनल लाउंज विजिट का लाभ मिलेगा।
यह पैकेज केंद्र सरकार के Group A, B और C कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है। Group D कर्मचारियों और कुछ स्वायत्त निकायों के कर्मचारियों पर फिलहाल यह नीति लागू नहीं होती।
