
उत्तराखंड में भारी बारिश ने तबाही मचाई है. जिसके बाद अब उत्तर प्रदेश में भी बारिश कहर बरपा रही है (Flood in UP). लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) और पीलीभीत (Pilibhit) जिलों में दो दिनों की मूसलाधार बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी ने तबाही मचा दी है. भयावह स्थिति के कारण बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना ने मोर्चा संभाला लिया है.
वहीं पीलीभीत से बीजेपी के सांसद वरुण गांधी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की है. लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि जिले के मिर्जापुर गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक शख्स की मौत हो गई. बरेली से बुलाई गई सेना के जवानों ने बाढ़ के पानी में फंसे 15 लोगों को विमान से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया, इसके अलावा राहत एवं बचाव टीम ने धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के समर्दा बादल गांव में भी बाढ़ में फंसे 29 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.
17 लोगों को ले जा रही एक नाव उफनाई नदी में पलटी
उन्होंने बताया कि धौरहरा कोतवाली क्षेत्र के अगहरा देवमनिया गांव में तलिया घाट के निकट 17 लोगों को ले जा रही एक नाव उफनाई घाघरा नदी में पलट गई. इस घटना में नाव पर सवार नौ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि आठ लापता लोगों की तलाश की जा रही है. बरेली से मिली रिपोर्ट के मुताबिक जिले में पिछले दो दिनों के दौरान मूसलाधार बारिश के कारण हादसों में एक दंपति समेत छह लोगों की मौत हो गई.
नवादा में मकान ढहने से दो लोगों की मौत
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि फरीदपुर के नवादा क्षेत्र में मंगलवार को बारिश के कारण एक मकान ढह जाने से मलबे में दो लोगों की मौत हो गई. इसी तरह रामनगर ब्लॉक में बारिश के दौरान एक मकान ढहने से मलबे में दबकर नौ वर्षीय एक लड़के की मौत हो गई. इसी तरह अलीगंज, हाफिज गंज में भी लोगों की मौत हुई है.
सेना ने अब तक 26 लोगों निकाला सुरक्षित
पीलीभीत से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिलाधिकारी पुलकित खरे ने बुधवार को बताया कि जिले में पिछले दो दिनों के दौरान हुई बेमौसम बारिश के कारण शारदा और देवहा नदियों ने रौद्र रूप ले लिया है और इनके किनारे बसे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. उन्होंने बताया कि बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए सेना ने अभियान शुरू किया है और अब तक 26 लोगों को विमान से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. जिले के शारदा पुनहाना, गुनहा, गोरख डिब्बी और पलिया में करीब 500 ग्रामीणों के बाढ़ में फंसे होने की सूचना है. बुधवार को सुबह से सेना के जवानों ने हेलीकॉप्टर से बचाव अभियान शुरू किया.
कई जगह घुसा पानी
इधर, नानक सागर और डियूनि बांध से पानी छोड़े जाने से देवहा नदी उफान पर है. नदी का पानी शहर में घुस चुका है. बेनी चौधरी सहित निचले इलाकों में लोग छतों पर रहने को मजबूर हैं. शहर में बरेली मार्ग को जोड़ने वाली ईदगाह मार्ग पर देवहा नदी का पानी घुस चुका है. पुलिस ने रेलवे क्रॉसिंग पर अवरोधक लगाकर इस मार्ग को बंद कर दिया है. तीन दिन हुई बारिश से नानक सागर बांध पूरी तरह भर गया था. मंगलवार सुबह इस बांध का पानी छोड़ा गया उसके बाद ड्यूनि बांध के भी सारे गेट खोल दिए गए. इससे देवहा नदी में बाढ़ आ गई है.
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