बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जलेसर क्षेत्र में जागरूकता कार्यक्रम
एटा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह के निर्देशन में एएचटी/एसजेपीयू टीम द्वारा *“बाल विवाह मुक्त भारत अभियान”* के अंतर्गत थाना जलेसर क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य बाल विवाह की घटनाओं को रोकना तथा समुदाय स्तर पर शून्य सहनशीलता का वातावरण विकसित करना है।
महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश लखनऊ के आदेश के क्रम में 4 दिसंबर 2025 से 8 मार्च 2026 तक चलाए जा रहे 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। अभियान अपर पुलिस अधीक्षक अपराध/नोडल अधिकारी एएचटी योगेन्द्र सिंह के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी सदर संकल्पदीप सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
संयुक्त एएचटी/एसजेपीयू टीम द्वारा थाना जलेसर क्षेत्रांतर्गत ग्राम राजा रामपुर उर्फ गुढ़ा स्थित आंगनवाड़ी केंद्र पर पुरुषों, महिलाओं एवं बच्चों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों को विस्तार से समझाया गया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है और यह कानूनन अपराध है।
टीम द्वारा बताया गया कि भारत में विवाह की न्यूनतम आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष एवं लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित है। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ भी दिलाई गई।
इसके साथ ही इमरजेंसी सहायता हेतु शासन व प्रशासन द्वारा जारी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1098, 108, 112, 1076 एवं 181 के बारे में जानकारी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सके।
पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की तुरंत सूचना संबंधित विभाग को दें।
