सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम दो बार विधायक चुने जाने के बाद भी एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके। पहली दफा की विधायकी का चुनाव ही शून्य घोषित हो गया, दूसरी बार महज आठ माह 20 दिन में विधायकी छिन गई।
यूपी विधानसभा के वर्ष 2017 में हुए चुनाव में सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां ने अपने छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम को स्वार विधानसभा क्षेत्र से सपा प्रत्याशी के तौर पर उतारा था। यूं तो टिकट घोषित होते ही वह विरोधियों के निशाने पर आ गए थे, लेकिन, आजम के रसूख के आगे विरोधी पस्त हो गए और अब्दुल्ला पहली बार में ही चुनाव जीत गए। यह बात अलग है कि चुनाव जीतने के बाद उनके प्रतिद्वंदी नवाब काजिम अली खां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि अब्दुल्ला ने अल्पायु में चुनाव लड़ा है। हाईकोर्ट में नवाब काजिम अली खां अपने आरोपों को साबित करने में कामयाब भी रहे। इसके चलते 16 दिसंबर 2022 को हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आजम के निर्वाचन को शून्य करार दे दिया था और अब्दुल्ला की विधायकी चली गई।
स्वार-टांडा विस सीट से सपा ने 2022 में एक बार फिर अब्दुल्ला आजम को प्रत्याशी बनाया। अब्दुल्ला दोबारा यहां से विधायक चुने गए, लेकिन इस बार 15 साल पुराने छजलैट प्रकरण में उन्हें दो साल की सजा हो गई। इसके चलते दोबारा विधायकी चली गई। विधानसभा सचिवालय के सचिव मोहम्मद मुशाहिद की ओर से बुधवार को आदेश जारी किया गया, जिसमें स्वार सीट को रिक्त करार दे दिया गया। ऐसे में एक बार फिर अब्दुल्ला अपना कार्यकाल पूरा नहीं पाए।
खाली हुई सीट, फिर ठगी रह गई जनता
अवाम ने बड़ी उम्मीद से सपा सांसद आजम खां के छोटे बेटे अब्दुल्ला आजम को 2017 में नुमाइंदगी सौंपी। एक लाख से अधिक वोट देकर विधायक चुना, लेकिन दो साल बाद ही सीट खाली हो गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट में मामला चला गया और उपचुनाव भी नहीं हो सके, ऐसे में करीब तीन साल यहां विकास कार्य प्रभावित रहे। अब जब दोबारा विधायक चुना तो एक बार फिर सीट रिक्त हो गई।
कार्यकाल तो दूर साल भी पूरा न कर सके अब्दुल्ला
अब्दुल्ला आजम ने पहली बार स्वार-टांडा से विस चुनाव जीतकर 14 मार्च 2017 को शपथ ली थी और 16 दिसंबर 2019 को उनकी विधायकी रद हुई थी। ऐसे में महज दो साल नौ माह वह विधायक रहे थे, हालांकि वह निर्वाचन ही शून्य घोषित हो चुका था। दोबारा विधायक चुने गए तो अभी शपथ ग्रहण को साल नहीं बीता है कि विधायकी छिन गई।
वर्ष 2017
सपा के टिकट पर स्वार से चुनाव लड़े
08 मार्च 2017 को विधायक चुने गए
14 मार्च 2017 को शपथ ग्रहण की
16 दिसंबर 2019 को निर्वाचन शून्य घोषित हुआ
वर्ष 2022
सपा के टिक पर स्वार से चुनाव लड़े
10 मार्च 2022 को विधायक चुने गए
23 मई 2022 को शपथ ग्रहण की
13 फरवरी 2023 को सजा होने पर विधायकी गई।
