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उत्तर प्रदेश

Babri Demolition Case: जानिए 30 साल बाद आज कहां है बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी, कभी मुस्लिमों का करती थी नेतृत्व और अब कोई पूछनेवाला भी नहीं

Admin
Last updated: दिसम्बर 6, 2021 5:34 पूर्वाह्न
By Admin 10 Views
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Babri Masjid

उत्तर प्रदेश के अयोध्या (Ayodhya) में विवादित बाबरी मस्जिद (Disputed Babri Masjid) विध्वंस की आज बरसी है. आज ही के दिन तीस साल पहले विवादित बाबरी मस्जिद को कारसेवकों ने गिरा दिया था और उसके बाद बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी (Babri Masjid Action Committee) सक्रिय तौर पर सामने आया था. हालांकि बीएमएसी का गठन रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान हुआ था और उस दौर में ये मुस्लिमों का अगुआ संगठन बन गया था. लेकिन आज ये अपने ही अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है और आज न कोई इसका सदस्य है और ना ही पदाधिकारी. असल में बीएमएसी का गठन करने वाले वकील जफरयाब जिलानी बीमार हैं और वह ही इस संगठन में अब एक एकमात्र सदस्य बचे हैं. जिलानी ने अयोध्या मस्जिद की कानूनी लड़ाई लड़ी और बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए अभियान चलाया था.

Contents
2010 के इलाहाबाद कोर्ट के फैसले से लगा बीएमएसी को धक्काजिलानी का था बीएमएसी में एकछत्र राज

जफरयाब जिलानी के बेटे नजम जिलानी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि वर्तमान में बीएमएसी में कोई पदाधिकारी या सक्रिय सदस्य नहीं हैं. उनके पिता की तबीयत खराब होने के कारण गतिविधियों का नेतृत्व कोई नहीं कर रहा है और ना ही कोई ऐसा बचा है जो इसकी गतिविधियों को आगे चला सके. उन्होंने कहा कि सालों की लंबी लड़ाई के दौरान राजनेता सैयद शहाबुद्दीन, इमाम बुखारी, मौलाना उबैदुल्ला आज़मी, एसपी नेता आजम खान और हैदराबाद के राजनेता सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी सहित कई सदस्यों ने खुद को बीएमएसी जरिए मुस्लिमों के रहनुमा के तौर पर पेश किया और स्थापित किया.

2010 के इलाहाबाद कोर्ट के फैसले से लगा बीएमएसी को धक्का

उन्होंने कहा कि बाबरी विध्वंस के बाद भी बीएमएसी ने सक्रिय रूप से भाग लिया और 6 दिसंबर को मस्जिद के पुनर्निर्माण के लिए विरोध प्रदर्शन किया था. लेकिन समय के साथ बीएमएसी की सक्रियता कम होती गई और इसका जो प्रभाव था, वह धीरे धीरे खत्म होता गया. उन्होंने बताया कि अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद को लेकर 2010 के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले के बाद बीएमएसी की पहचान मुसलमानों के बीच अपनी पहचान खोती गई. असल में कोर्ट ने विवादित भूमि को तीन भागों में विभाजित करने का फैसला दिया था. जिसके बाद सभी याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट की तरफ रूख किया. वहीं बीएमएसी पर कोर्ट में अपने मामले को मजबूती से ना रखने के आरोप भी लगते रहे और स्पष्टीकरण भी मांगे गए. उन्होंने कहा कि लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बाबरी विध्वंस के सभी आरोपियों को बरी करने के बाद मौलाना वासिफ हसन, तेली वाली मस्जिद, लखनऊ के मुतवल्ली ने बीएमएसी ने इसके लिए स्पष्टीकरण देने को कहा था.

दरअसल 5 फरवरी, 1986 को बाबरी मस्जिद का ताला खोलने के बाद बीएमएसी अस्तित्व में आया था. पूर्व राजनयिक और जनता पार्टी के नेता सैयद शहाबुद्दीन के नेतृत्व में बाबरी मस्जिद आंदोलन समन्वय समिति का गठन किया गया था और इसके अगले साल इसे एक बड़े संगठन के तौर पर स्थापित किया गया था. बीएमएसी में जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी और हैदराबाद के राजनेता सुल्तान सलाहुद्दीन ओवैसी सहित कई मुस्लिम नेता शामिल थे. तत्कालीन विवादित स्थल पर यथास्थिति की मांग करते हुए, यूपी और दिल्ली में विरोध प्रदर्शन आयोजित किए थे जबकि 1987 में, बोट क्लब स्थल पर लाखों की संख्या में लोगों की रैली कर अपनी ताकत का अहसास कराया गया था. मुस्लिमों द्वारा बीएमएसी का गठन किए जाने के बाद विहिप ने शीर्ष संतों के साथ रामजन्मभूमि मुक्ति यज्ञ समिति की स्थापना की और बीएमएसी द्वारा अयोध्या तक एक नियोजित मार्च से पहले 11 अक्टूबर, 1988 को अयोध्या में एक महायज्ञ का आयोजन किया।

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जिलानी का था बीएमएसी में एकछत्र राज

असल में बीएमएसी को लेकर कई तरह के विवाद आए. इसमें सबसे बड़ा विवाद ये था कि इसे पंजीकृत नहीं कराया गया था और इसे जफरयाब जिलानी और उनके करीबी लोग ही चला रहे थे. वहीं सभी मुसलमानों को इसके सदस्य के रूप में घोषित किया गया था. जब 2019 में अयोध्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और बीएमएसी के बीच विवाद देखने को मिला था. क्योंकि बोर्ड पहले ही कह चुका था कि कोर्ट का जो फैसला आएगा वह मंजूरी होगा. जबकि बीएमएसी इसके लिए फिर से याचिका दाखिल करने की बात कह रहा था. लेकिन अयोध्या विवाद के खत्म होती है अब आज निष्क्रिय हो गया है. जबकि किसी दौर में इसे जनता दल और कांग्रेस के नेताओं का राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था और इसके जरिए वह अपनी राजनीति को आगे बढ़ाते थे.

 

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Disclaimer: कलप्रिट तहलका ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर न्यूज एजेंसी (भाषा,PTI,व TV9) द्वारा प्रकाशित की गयी है।

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