उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. इस बीच,लखनऊ में स्थित सपा कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया है. इस पोस्टर में सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का सपा दफ्तर में प्रवेश पर प्रतिबंध की बात कही गई है. अब इस पर सियासत गरमा गई है. बीजेपी नेता समाजवादी पार्टी पर हमलावर हो गए हैं.
भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती आपस में संवाद करना है. विचारधाराएं अलग-अलग हो सकती हैं. लेकिन, सपा ने पोस्टर लगाकर गलत संदेश दिया है. यह लोकतंत्र के लिए अच्छा संदेश नहीं है. मनीष शुक्ला ने कहा कि तमाम आतंकवादी संगठनों को देखा था कि विचारधारा अलग होने की वजह से वह उन पर प्रतिबंध लगा देते थे. गर्दन काट लेने की धमकी देने थे . वहीं, अब समाजवादी पार्टी भी एक व्यक्ति के ऊपर प्रतिबंध लगा रही है कि हमारे कार्यालय में नहीं आना है.
मुलायम सिंह की आत्मा दुखी हो रही होगी : मनीष शुक्ला
मनीष शुक्ला ने कहा कि निश्चित रूप से लोहिया जी, जयप्रकाश नारायण जी और मुलायम सिंह यादव जी की आत्मा अगर देख ये रही होगी तो अपनी पुत्र के पार्टी पर दुखी हो रही होगी.लोकतंत्र के लिए ये अच्छा संदेश नहीं है. बता दें कि लखनऊ कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर में लिखा था कि ओम प्रकाश राजभर जी का समाजवादी पार्टी कार्यालय में आना प्रतिबंधित है. वहीं, ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरुण राजभर ने भी सपा पर हमला बोला है.उन्होंने कहा है कि सपा नेता और कार्यकर्ताओं की बेचौनी बढ़ गई है . वह सुभासपा की बढ़ती लोकप्रियता से घबराए हुए हैं. बौखलाकर पोस्टर-बैनर लगा रहे हैं.
