Bulandsahar Crime News: बुलंदशहर फास्ट ट्रैक कोर्ट 2 के न्यायधीश दानिश हसनैन ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पत्नी को जिंदा जलाकर हत्या करने के आरोपी पति सोनू को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हज़ार रुपये अर्थदण्ड की सजा भी सुनाई है। एडीज फास्ट ट्रैक कोर्ट 2 के अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र चौहान ने बताया की महिला का विवाह 11 दिसंबर 2012 को अहमदनगर निवासी सोनू के साथ हुई थी। शादी के कुछ महीनों बाद उसके ससुराल वाले महिला से दहेज की मांग करने लगे। महिला ने इसका विरोध भी किया, लेकिन वह उसके साथ मारपीट करते थे। जब महिला ने दहेज देने से मना कर दिया तो उसके ससुराल वालों ने और उसके पति ने उसे 6 दिसंबर 2016 को जिंदा जला दिया। कोमल ने 14 दिसंबर 2016 को दिल्ली के एक अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। इस हत्या में महिला का ससुर, सास, पति और देवर शामिल हैं।
भाई ने कराया था मामला दर्ज
मामले में कोमल के भाई अमित कुमार ने पति सोनू , सास, ससुर और देवर के खिलाफ कोमल की हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की विवेचना कर पति सोनू के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। मामले में कोर्ट में 12 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की जिरह, प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर शुक्रवार को एडीजे फास्ट ट्रैक कोर्ट 2 के न्यायमूर्ति दानिश हसनैन ने आरोपी सोनू को पत्नी की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 50,000 के अर्थदंड की सजा मुकर्रर की है।
मृत्यु से पहले दिया गया बयान बना सजा का आधार
एडीज फास्ट ट्रैक कोर्ट 2 के अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेंद्र चौहान ने आगे बताया कि कोमल को जब गंभीर हालत में दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय कोमल ने पुलिस के समक्ष अपने मृत्यु से पहले बयान दिया था, जिसमें कोमल ने अपने पति पर तेल छिड़ककर जिंदा जलाने की बात कही थी। मृत्यु के पूर्व बयान कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था और कोर्ट ने मृतका के बयान को मुख्य आधार माना और आरोपी को सजा सुनाई।
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