
रिश्वतखोरी का खेल कैमरे में कैद (फोटो : सोशल मीडिया )
रिश्वतखोरी का खेल कैमरे में कैद (फोटो : सोशल मीडिया )
Bulandshahr News: केंद्र व प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार (Corruption) मुक्त भारत बनाने के लिए भले ही लाख प्रयास कर रही हो मगर कुछ भ्रष्ट व रिश्वतखोर कर्मचारी सरकार के मंसूबों पर पानी फेरने में जुटे हैं। ताजा मामला यूपी के बुलंदशहर का है, जहां स्वास्थ्य विभाग (health Department) के एक रिटायर्ड कर्मचारी की पेंशन और ईपीएफ बनाने के नाम पर 3 कर्मचारियों द्वारा रिश्वत लेने का वीडियो शासन को भेजा गया। हालांकि पीड़ित कर्मचारी ने ही रिश्वतखोर कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद किया है और मामले की शिकायत स्वास्थ्य निदेशक से की तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में बुलंदशहर के सीएमओ ने 2 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है । जबकि अपने ही कार्यालय में सेवारत अकाउंटेंट के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने हेतु शासन को पत्र भेजने का दावा किया है।
रिटायरमेंट के बाद अपने ही पेंशन व ईपीएफ के लिए काट रहा था चक्कर बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले सत्येंद्र बुलंदशहर के ही स्वास्थ्य विभाग में सेवारत थे । सेवानिवृत्ति के बाद अपनी पेंशन व ईपीएफ बनवाने के लिए अपने ही दफ्तर के चक्कर काटने को सिर्फ इसी लिए मजबूर हो गए क्योंकि उन्होंने कुछ बाबुओं को खुश नहीं किया था। लिहाज उनकी फ़ाइल आगे नही बढ़ पा रही थी। सत्येंद्र ने बताया कि अपना काम रुकते देख मजबूर होकर रिश्वत का सहारा लेना पड़ा। हालांकि रिश्वतखोर कर्मचारियों को कैमरे में कैद भी किया ।
मजबूर हो रिश्वत दे किया भ्रष्टाचार का खुलासा (Bhrashtachar Ka Khulasa)
सत्येंद्र की मानें तो पेंशन व ईपीएफ के नाम पर सीएमओ कार्यालय में तैनात अकाउंटेंट निर्देश कुमार ने 20,000 रूपये की रिश्वत मांगी और मोलभाव कर 19,000 रुपए में मामला तय हो गया था, 2 – 2 हज़ार के 7 नोट कुल 14,000 लेते हुए निर्देश कैमरे में कैद हुआ है । जबकि मलेरिया विभाग में तैनात कर्मचारी सुरेंद्र 4000 रुपये व तीसरे वीडियो में भूपेंद्र भी रिश्वत की रकम लेते हुए कैमरे में कैद हुए हैं।
स्वास्थ्य निदेशक से की शिकायत, मचा हड़कंप
रिश्वतखोरी का वीडियो व शिकायत सत्येंद्र ने स्वास्थ्य विभाग के निदेशक से की तो स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच प्रमुख सचिव को और प्रमुख सचिव ने जिला अधिकारी से कराने के निर्देश दिए। मामले की शिकायत करने के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया।
जांच के बाद इन पर हुई कार्रवाई
सीएमओ डॉ विनय कुमार सिंह ने बताया कि एसीएमओ डॉ रोहतास यादव व एसीएमओ डॉ सुनील कुमार की 2 सदस्य जांच टीम गठित की गई । रिश्वत के वीडियो और मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद आज मलेरिया विभाग में सेवारत कर्मचारी सुरेंद्र सहित दो को निलंबित कर दिया गया है ।जबकि अकाउंटेंट निर्देश के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने हेतु शासन को पत्र भेजा गया है।
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