जा को राखे “माँ” मार सके ना कोई ❤️
अहमदाबाद प्लेन क्रैश याद है ना? एयर इंडिया का बोइंग 171 विमान 12 जून को अहमदाबाद के बीजे मेडिकल कॉलेज के आवासीय क्वार्टर में जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें 260 लोगों की मौत हो गई।
जब प्लेन बिल्डिंग से टकराया तो मानिशा उसमें मौजूद थीं।प्लेन उनके फ्लैट के ठीक ऊपर टकराया, उस वक़्त मनीषा अपने 8 महीने के बेटे ध्यांश को गोद में लिए हुए थीं।
भयंकर गर्मी और घने धुएं के बावजूद मनीषा के मन में केवल एक बात थी कि कैसे वो बेटे की जान बचा लें। आखिरकार ध्यांश इस हवाई दुर्घटना का सबसे छोटा जीवित बचा व्यक्ति बन गया।
टक्कर होने पर वो बेटे के ऊपर ढाल बनकर उसे बचाने में लगी रहीं। इस दौरान तेज जलन और आग की लपटों के बीच वो घबराई नहीं। उनकी वजह से 8 साल का ध्यांश इस हवाई दुर्घटना का सबसे छोटा जीवित बचा व्यक्ति बना।
बात यहां भी ख़त्म नहीं होती…
मनीषा उस दिन 25% और ध्यांश 36% जल गया था। बच्चे के शरीर के कुछ भाग गंभीर रूप से जल गए थे। ट्रीटमेंट के लिए इंसानी खाल की ज़रूरत थी। तब बेटे ध्यांश के ट्रीटमेंट के लिए मनीषा ने अपनी स्किन भी दी।
अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जीवित बचने की इस हृदयस्पर्शी कहानी में मानिशा और ध्यांश को पिछले सप्ताह अस्पताल से छुट्टी मिल गई।
