भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुके पंचायतीराज विभाग में डीपीआरओ और ग्राम सचिव आमने-सामने
डीपीआरओ और ग्राम सचिवों पर एक मुहावरा सटीक बैठ रहा है “मैं डाल-डाल, तू पात-पात”
सब एडिटर: अमित माथुर
एटा। पंचायतीराज विभाग में रिश्वतखोरी और कमीशनखोरी का खेल लंबे समय से चलता आ रहा है लेकिन मजाल है किसी जनप्रतिनिधि से लेकर जिम्मेदार अधिकारी की जो भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के दल-दल में डूब चुके पंचायतीराज विभाग में फैले भ्रष्टाचार को रोकने का प्रयास करें।
कहते हैं देश के विकास का रास्ता गांवों, खेतों और खलिहानों से होकर गुजरता है लेकिन गांवों के विकास के लिए सरकार द्वारा दिया जा रहा करोड़ों रुपए का बजट ग्रामीण क्षेत्रों का विकास करने की बजाय डीपीआरओ कार्यालय में बैठे भ्रष्ट कर्मचारियों की तिजौरिया भर रहा है।
डीपीआरओ कार्यालय में गांवों के विकास के लिए आए बजट में कमीशनखोरी का खेल जगजाहिर है ऐसा भी कह सकते हैं कि गांव के विकास के लिए आए धन से भले ही गांवों का विकास नहीं हो पा रहा है लेकिन कर्माचारियों, ग्राम सचिवों और प्रधानों का विकास जमकर हो रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जबसे उत्तर प्रदेश की कमान संभाली है तभी से वह भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ रहें हैं और सरकारी विभागों में बैठे भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ही कार्य करने की चेतावनी देते रहे हैं, लेकिन डीपीआरओ कार्यालय में बैठे भ्रष्ट कर्माचारियों और ग्राम सचिवों पर जीरो टॉलरेंस नीति का बिल्कुल भी असर नहीं पड़ रहा है बल्कि डीपीआरओ कार्यालय के कर्मचारी और ग्राम सचिव जीरो टॉलरेंस नीति की
जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं।
आखिर क्यों डीपीआरओ और ग्राम सचिव आए आमने-सामने……..?
कहा जा रहा है कि डीपीआरओ प्रीतम सिंह द्वारा भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और लापरवाह सचिवों पर कार्रवाई करने के बाद ग्राम सचिवों ने डीपीआरओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और डीपीआरओ पर दबाव बनाने के लिए संघर्ष समिति का गठन कर दिया है लेकिन आरोप-प्रत्यारोप की लड़ाई में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के दल-दल में डूबे डीपीआरओ कार्यालय में बैठे भ्रष्ट कर्माचारियों और ग्राम सचिवों का नंगा नाच जनपद की जनता से लेकर जनप्रतिनिधि और उच्च अधिकारी देख रहे हैं।
डीपीआरओ और ग्राम सचिवों पर एक मुहावरा सटीक बैठ रहा है “मैं डाल-डाल, तू पात-पात”।
बता दें दो दिन पूर्व डीपीआरओ कार्यालय में विराजमान एक महानुभाव को लेकर एक सोशल साइट पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए थे और पैसों के लेन-देन के स्क्रीन शॉट भी पोस्ट किए गए थे।
Online रिश्वत लेने वाले महानुभाव से जुड़ी खबर अगले अंक में…..
