
कंगना रनौत-जावेद अख्तर (फोटो : सोशल मीडिया )
कंगना रनौत-जावेद अख्तर (फोटो : सोशल मीडिया )
Javed Akhtar Attack Kangana Ranaut: जावेद अख्तर ने कंगना रनौत (Kangana Ranaut ) के भीख वाले बयान पर टिप्पणी कर प्रतिक्रिया दी है। जावेद ने कहा है कि जिनका स्वतंत्रता आंदोलन से कोई लेना – देना नहीं उन्हें बुरा क्यों लगेगा। एक्ट्रेस कंगना रनौत और कवि जावेद अख्तर (Javed Akhtar) की जुबानी जंग का हाल जग जाहिर है। दोनों हमेशा सोशल मीडियो पर एक दूसरे के विचार को गलत ठहराते नजर आते हैं। फिलहाल यह काम जावेद अख्तर ने किया है। लेखक जावेद अख्तर ने कंगना (Javed Akhtar Attack Kangana Ranaut) को उनके ही बयान पर निशाना बनाया है। लेखक ने तंज भरे लहजे में कहा है कि जिन लोगों का स्वतंत्रता आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था, उन्हें बुरा क्यों लगेगा। बता दें कि एक शिखर सम्मेलन में अभिनेत्री कंगना रनौत ने कहा था कि भारत की स्वतंत्रता एक ‘भिख’ (bharat ki swatantra bheekh) थी।
जावेद अख्तर ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए ट्विटर का सहारा (Javed Akhtar Tweet) लिया है। उन्होंने लिखा, “यह पूरी तरह से समझ में आता है। जिन लोगों का स्वतंत्रता आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था, उन्हें बुरा क्यों लगेगा अगर कोई हमारी आजादी को सिर्फ एक ‘भीक’ कहता है।” कंगना रनौत को उनके इस बयान के लिए कई लोगों ने खरी- खोटी सुनाई है। उन्हें बॉलीवुड कलाकारों के अलावा कई राजनीतिक नेताओं ने डांट लगाई है। अभिनेत्री के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज करवाई गई है।
It is totally understand . Why would all those who had nothing to do with freedom movement feel bad if some calls our freedom just a ” bheek”
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) November 18, 2021
यह स्वतंत्रता नहीं बल्कि भीख थी
बता दें कि पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित कंगना रनौत ने टाइम्स नाउ समिट के दौरान कहा था,”… खून बहेगा। लेकिन यह हिंदुस्तानी खून नहीं होना चाहिए। वे इसे जानते थे और उन्होंने इसकी कीमत चुकाई थी। बेशक, यह स्वतंत्रता नहीं बल्कि भीख थी। साथ ही अभिनेत्री ने कहा हमने 2014 में वास्तविक स्वतंत्रता प्राप्त की।” उनके इस बयान के बाद भाजपा सांसद वरुण गांधी ने ट्विटर पर कंगना की टिप्पणी का एक वीडियो साझा किया था। उन्होंने कहा था, “कभी महात्मा गांधी जी के त्याग और तपस्या का अपमान, कभी उनके हत्यारे का सम्मान, और अब शहीद मंगल पाण्डेय से लेकर रानी लक्ष्मीबाई, भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का तिरस्कार. इस सोच को मैं पागलपन कहूं या फिर देशद्रोह?”
उनकी टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, कंगना ने इंस्टाग्राम (Kangana Ranaut Instagram) स्टोरीज़ पर लिखा, “मैंने 1857 के देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम का भी जिक्र किया था, जो नाकामयाब रहा था। जिसके कारण ब्रिटिश का अत्याचार और क्रूरता और बढ़ गई थी। हालांकि लगभग 100 साल बाद हमें गांधी जी के भीख मांगने पर आजादी मिली। जा और रो अब।”
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