
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) दावा कर रही है कि 2022 में भी 2017 की तरह चुनाव नतीजे दोहराएंगे. पार्टी ने इसके लिए पूरी तरह से कमर भी कस ली है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता लगातार प्रदेश को मथने में लगे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दो दिन के दौरे पर यूपी पहुंचेंगे. अपने दो दिवसीय यूपी दौरे के दौरान अमित शाह सूबे की चुनावी नब्ज टटोलेंगे. पीएम मोदी ने पूर्वांचल में चुनावी अभियान को धार दिया तो अमित शाह अवध के इलाके में बीजेपी के सियासी समीकरण को दुरुस्त करने की कवायद करेंगे. अमित शाह 29 अक्टूबर को लखनऊ पहुंचेंगे जहां वे दिन डेरा जमाकर पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत करेंगे. इसके साथ ही अमित शाह पार्टी की चुनावी तैयारियों की भी समीक्षा करेंगे.
अमित शाह अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान संगठन के पदाधिकारियों संग बैठक करेंगे साथ ही जनप्रतिनिधियों से मिलकर पूरे प्रदेश का फीडबैक भी लेंगे. इस बार फोकस सामाजिक समरसता पर रहेगा. अमित शाह सदस्यता अभियान की शुरुआत करेंगे और सबसे ज्यादा फोकस पिछड़ों और दलितों को पार्टी से जोड़ने पर रहेगा. यूपी चुनाव से ठीक पहले अमित शाह के दौरे को राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है. सूबे में बीजेपी को घेरने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) राजनीतिक गठजोड़ और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के बागी नेताओं को अपने साथ जोड़ने की मुहिम में जुटी है. किसान आंदोलन से लेकर लखीमपुर की घटना से बीजेपी के राजनीतिक समीकरण के बिगड़ने का खतरा भी दिख रहा है जिसके चलते बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व सक्रिय हो गया है.
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