
सीसीएसयू पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग व मेरठ चलचित्र सोसाइटी के तत्वधान में आयोजित नवांकुर लघु फिल्म महोत्सव में युवाओं द्वारा बनाई गई. लघु फिल्म ने जहां सामाजिक घटनाओं पर आधारित संदेश देने की कोशिश की गई.वहीं जिस प्रकार कोरोना की दूसरी लहर में लोग पैसे होने के बावजूद भी इलाज के लिए संकट में घिरे रहे.उस पर आधारित फिल्म ‘ऑक्सीजन’ ने सभी को भावविभोर कर दिया.
भारतीय दर्शन का अध्ययन करें युवा
लघु फिल्म महोत्सव में मुंबई से जुड़े डायरेक्टर आकाश आदित्य लामा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनके द्वारा जो फिल्में बनाई गई है. वह सामाजिक संदेश के लिए बहुत ही प्रेरणादायक है. लेकिन युवाओं को एक बात समझनी होगी कि हम पाश्चात्य संस्कृति के बजाय अपनी संस्कृति और भारतीय दर्शन का अध्ययन करें. क्योंकि भारतीय दर्शन में ही विश्व का सार छुपा है.
परिवार के साथ देखने वाली फिल्म बनाएं
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति केजी सुरेश ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि साहित्य और समाज का अध्ययन करें.ऐसे फिल्म बनाएं जो परिवार के साथ देखी जा सकें. वर्तमान में ऐसे फिल्म बनाई जा रही है जो कि परिवार के साथ देखी नहीं जा सकती हैं. कहानियों को फिल्म का रूप देने की कोशिश करें.
इन्हे मिला पुरस्कार
10 मिनट श्रेणी प्रथम -ऑक्सीजन – महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, वर्धा महाराष्ट्र, द्वितीय – विभाजन की विभीषिका पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग,
05 मिनट श्रेणीप्रथम – आंदोलन दाॅ ट्रूथ – एसआर डी मीडिया द्वितीय – मोबाइल के मारे है हम
. इस दौरान सीसीएसयू कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा, प्रोफेसर प्रशांत कुमार, डॉ अजय मित्तल, सहित अन्य लोग उपस्थित रहे.
कलप्रिट तहलका (राष्ट्रीय हिन्दी साप्ताहिक) भारत/उप्र सरकार से मान्यता प्राप्त वर्ष 2002 से प्रकाशित। आप सभी के सहयोग से अब वेब माध्यम से आपके सामने उपस्थित है।
समाचार,विज्ञापन,लेख व हमसे जुड़ने के लिए संम्पर्क करें।
