
आरोपी दरोगा। (Social Media)
आरोपी दरोगा। (Social Media)
लखनऊ। सूबे के उन्नाव जनपद के एक भ्रष्ट दरोगा को महकमा बचाने में ही लगा था। वहीं, स्थानीय भाजपा विधायक ने इस मामले में दखल देने पर पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भ्र्ष्टाचार अधिनियम में कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया है।
जब सोहरामऊ थाने के सहरावां गांव निवासी सर्राफ सोनू सोनी व्यवसायी ने स्थानीय भाजपा विधायक अनिल सिंह को अपने पूरे मामले से अवगत कराते हुए बताया कि शनिवार शाम बीलोरा गांव स्थित दुकान बंद कर घर जा रहे थे। रानीपुर तिराहा पर असोहा थाने के दारोगा सर्वेश राणा ने चेकिंग के नाम पर उन्हें रोक लिया। बाइक की डिग्गी में सोने-चांदी के जेवर देख उन्हें थाने ले आए और बोले वह चोरी का माल खरीदता है।
सफाई देने पर दारोगा ने एक लाख रुपये की मांग की और रुपये न देने पर चोरी का सामान खरीदने के आरोप में जेल भेजने की धमकी दी। सोनू के अनुसार डर के कारण उन्होंने घर पर फोन करके बीस हजार रुपये मंगवा कर दारोगा को दे दिए। उस समय दारोगा ने उन्हें छोड़ तो दिया पर 20 हजार रुपये और देने का दबाव बनाया।
विधायक एसपी को फोनकर कार्रवाई की मांग
इस मामले के बारे अवगत करवाने के बाद भाजपा विधायक अनिल सिंह पीड़ित सर्राफा व्यवसायी को अपने साथ लेकर थाने पहुंचे और एसपी को फोनकर कार्रवाई की मांग। कार्रवाई न होने पर उन्होंने धरने पर बैठने की धमकी दी। विधायक की इस चेतावनी के बाद एसपी उन्नाव हरकत में आ गए। उन्होने तत्काल असोहा थाना इंस्पेक्टर राजू राव को निर्देश दिए कि पीड़ित से शिकायत दर्ज करने के निर्देश जारी किए। एसपी ने सीओ पुरवा विक्रमजीत सिंह को मामले की जांच सौंपी। वहीं, सीओ पुरवा विक्रमजीत सिंह मामले की पूरी जांच 2 घण्टे में पूरी कर रिपोर्ट एसपी उन्नाव को सौंप दी।
दरोगा को भेजा जेल
दरोगा सर्वेश राणा को दोषी पाए जाने पर निलम्बन के साथ असोहा इंस्पेक्टर राजू राव ने दारोगा सर्वेश राणा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कराया। रविवार दोपहर सीओ ने दारोगा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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