
मनोज मुंतशिर (फोटो- सोशल मीडिया)
मनोज मुंतशिर (फोटो- सोशल मीडिया)
Manoj Muntashir Vivad : मशहूर गीतकार, लेखक और कवि मनोज मुंतशिर इन दिनों विवादों में बुरी तरह से उलझ गए हैं। उन पर ये विवाद कविता चोरी के आरोप लगने से शुरू हुए। ऐसे में मनोज मुंतशिर ने सोशल मीडिया पर कविता चोरी के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा है कि मेरी कोई रचना शत प्रतिशत सौ फीसदी सच नहीं है। मुझे राष्ट्रवादी होने की सज़ा दी जा रही है।
दरअसल मनोज मुंतशिर पर उनके ही लिखे गानों पर कविता चोरी का आरोप लगा है। तेरी मिट्टी (Teri Mitti) गाने को लेकर उन पर आरोप लगा है कि ये गाना पाकिस्तानी गाने का कॉपी है। इससे पहले उन्होंने एक इंटरव्यू ने कहा था कि अगर ये गाना कॉपी निकला, तो वो हमेशा के लिए लिखना ही छोड़ देंगे।
मेरी फितरत है मस्ताना
इस विवाद की वजह उनकी किताब जोकि सन् 2019 में आई थी, मेरी फितरत है मस्ताना की एक कविता ‘मुझे कॉल करना’। इस किताब की इस कविता पर लोगों का कहना है कि ये कविता किसी और के द्वारा लिखी गई है और मनोज मुंतशिर ने सिर्फ इसका हिंदी अनुवाद करके अपनी किताब में छाप दिया है।
लेकिन फिर इस बात पर उन्होंने ट्वीट करते हुए जवाब दिया कि 200 पन्नों की किताब और 400 फिल्मी और गैर फिल्मी गाने मिलाकर सिर्फ 4 लाइनें ढूंढ पाए? इतना आलस? और लाइनें ढूंढो, मेरी भी और बाकी राइटर्स की भी। फिर एक साथ फ़ुरसत से जवाब दूंगा। शुभ रात्रि!
200 पन्नों की किताब और 400 फ़िल्मी- ग़ैर फ़िल्मी गाने मिलाकर सिर्फ़ 4 लाइनें ढूँढ पाए? इतना आलस? और लाइनें ढूँढो, मेरी भी और बाक़ी राइटर्स की भी. फिर एक साथ फ़ुरसत से जवाब दूँगा. शुभ रात्रि! 😀
— Manoj Muntashir (@manojmuntashir) September 21, 2021
वहीं इस मसले पर मनोज मुंतशिर ने कहा, “ये आरोप लगाने वालों को पहले उस वीडियो की जांच करनी चाहिए, ये वीडियो हमारी फिल्म केसरी की रिलीज के कई महीनों बाद अपलोड किया गया है और मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि वो कोई पाकिस्तानी गायक नहीं बल्कि भारतीय लोक गायिका गीता रबारी हैं। आप उन्हे कॉल करके भी देख सकते हैं।”
सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे मनोज मुंतशिर ने एक अन्य ट्वीट पर जवाब देते हुए लिखा कि मुंतशिर सिर्फ़ मेरा pen name है विकास। न मैंने धर्म बदला है, न वंश। मैं हिंदू हूँ, और इस पर गर्व करता हूँ। तभी तो सोशल मीडिया पर इतने लोग मुझसे चिढ़े हुए हैं। ख़ैर, मैं सबकी राय का सम्मान करता हूँ, यही हिंदू धर्म ने मुझे सिखाया है।
मुंतशिर सिर्फ़ मेरा pen name है विकास. न मैंने धर्म बदला है, न वंश. मैं हिंदू हूँ, और इस पर गर्व करता हूँ. तभी तो सोशल मीडिया पर इतने लोग मुझसे चिढ़े हुए हैं. ख़ैर, मैं सबकी राय का सम्मान करता हूँ, यही हिंदू धर्म ने मुझे सिखाया है. https://t.co/V41KrODzy5
— Manoj Muntashir (@manojmuntashir) September 21, 2021
जाने-माने लेखक और गीतकार मनोज मुंतशिर के बारे में आज तरह-तरह की बातें सोशल मीडिया पर लोग कर रहे हैं। लेकिन मनोज मुंतशिर काफी सफाई से अपने आलोचकों को वीडियो के जरिए जवाब दे रहे हैं। आइए जानते हैं कि मनोज मुंतशिर के बारे में सबकुछ-
मनोज मुंतशिर का जीवन परिचय
Manoj Muntashir Ka Jeevan Parichay
उत्तर प्रदेश के जन्मे मनोज मुंतशिर का जन्म 27 फरवरी 1976 को अमेठी के गौरीगंज में हुआ था। इनका पूरा नाम (Manoj Muntashir Real Name) मनोज शुक्ला है। बाद में कुछ वजहों से इन्होंने अपने नाम के आगे मुंतशिर लगा लिया था।
मनोज मुंतशिर के माता-पिता
Manoj Muntashir Father- Mother
मनोज मुंतशिर एक बेहद साधारण परिवार से है। इनके पिता एक किसान थे। माता ग्रहणी होने के साथ ही एक प्राइमरी स्कूल में टीचर थी।
मनोज मुंतशिर की शिक्षा-दीक्षा
मनोज मुंतशिर ने अपनी स्कूली पढ़ाई अमठी के गौरीगंज में ही की। वे बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थे और पढ़ाई के साथ-साथ शायरी और कविताएं लिखते रहते थे। अपने बचपन के इस शौक को उन्होंने अपना जीवन बना लिया।
इसके बाद उन्हें उर्दू में लिखना काफी पसंद आने लगा। तो जब उन्हें उर्दू सीखने की जरूरत पड़ी, तो उन्होंने एक दिन मस्जिद के नीचे से 2 रुपए की उर्दू की किताब खरीदी। जिसमें हिंदी के साथ उर्दू लिखी हुई थी और उस किताब से ही मनोज ने उर्दू सीखी। इसके बाद उन्होंने साल 1999 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक किया।
मनोज मुंतशिर की पत्नी
Manoj Muntashir Wife
मनोज मुंतशिर की पत्नी (manoj muntashir wife) का नाम नीलम मुंतशिर है। उनकी पत्नी नीलम मुंतशिर भी एक लेखक है। बता दें, मनोज मुंतशिर का एक बेटा भी है, जिसका नाम आरू है।
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