अमित माथुर (सह संपादक)
एटा : सड़क हादसों के चलते समय से उपचार न मिलने पर होने वाली जनहानि को रोकने के उद्देश्य से सरकार ने प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसमें घायल व्यक्ति को समय से अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति (गुड सेमेरिटन) को पांच हजार रुपये बतौर प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किए जाएंगे। हेमचंद्र गौतम सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि आम नागरिक सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रेरित होंगे, तथा सड़क हादसों में घायलों को समय से उपचार न मिलने से होने वाली जनहानि कम-से-कम होगी। एआरटीओ ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल को दुर्घटना घटित होने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाता है तो वह इस योजना में पुरस्कृत किए जाने का पात्र होगा तथा इस योजना के अंतर्गत नेक व्यक्ति को एक वर्ष में अधिकतम पांच बार पुरस्कृत किया जा सकता है, यह प्रोत्साहन राशि नकद उपलब्ध करायी जाएगी। यदि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एक से अधिक नेक व्यक्ति सहायता प्रदान करते हैं तो पुरस्कार धनराशि उनमें बराबर-बराबर बांट दी जाएगी। यदि किसी दुर्घटना में एक से अधिक घायल व्यक्तियों को एक से अधिक व्यक्ति अस्पताल पहुंचाते हैं तो प्रत्येक को पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। पुरस्कार धनराशि के अतिरिक्त उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 10 नेक व्यक्तियों को एक लाख रुपये के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कृत करने का निर्णय डीएम की अध्यक्षता में गठित मूल्यांकन समिति करेगी। इस समिति में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, एआरटीओ प्रवर्तन सदस्य होंगे|
अमित माथुर (सह संपादक)
एटा : सड़क हादसों के चलते समय से उपचार न मिलने पर होने वाली जनहानि को रोकने के उद्देश्य से सरकार ने प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इसमें घायल व्यक्ति को समय से अस्पताल पहुंचाने वाले नेक व्यक्ति (गुड सेमेरिटन) को पांच हजार रुपये बतौर प्रोत्साहन राशि के रूप में प्रदान किए जाएंगे। हेमचंद्र गौतम सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि आम नागरिक सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रेरित होंगे, तथा सड़क हादसों में घायलों को समय से उपचार न मिलने से होने वाली जनहानि कम-से-कम होगी। एआरटीओ ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल को दुर्घटना घटित होने के एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाता है तो वह इस योजना में पुरस्कृत किए जाने का पात्र होगा तथा इस योजना के अंतर्गत नेक व्यक्ति को एक वर्ष में अधिकतम पांच बार पुरस्कृत किया जा सकता है, यह प्रोत्साहन राशि नकद उपलब्ध करायी जाएगी। यदि दुर्घटना में घायल व्यक्ति को एक से अधिक नेक व्यक्ति सहायता प्रदान करते हैं तो पुरस्कार धनराशि उनमें बराबर-बराबर बांट दी जाएगी। यदि किसी दुर्घटना में एक से अधिक घायल व्यक्तियों को एक से अधिक व्यक्ति अस्पताल पहुंचाते हैं तो प्रत्येक को पांच हजार रुपये की धनराशि दी जाएगी। पुरस्कार धनराशि के अतिरिक्त उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर चयनित 10 नेक व्यक्तियों को एक लाख रुपये के पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कृत करने का निर्णय डीएम की अध्यक्षता में गठित मूल्यांकन समिति करेगी। इस समिति में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, एआरटीओ प्रवर्तन सदस्य होंगे|
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