अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर जिला कारागार में कौशल विकास कार्यशाला आयोजित
बंदी महिलाओं को लिप्पन आर्ट का दिया गया प्रशिक्षण, प्रमाणपत्र व मेडल देकर किया सम्मानित
एटा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जनपद एटा की जिला कारागार में नाबार्ड एवं आज़ाद फाउंडेशन सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कौशल विकास कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के माध्यम से बंदी महिलाओं को पारंपरिक लिप्पन आर्ट (हस्तशिल्प) का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण महिलाओं के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और पुनर्वास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम बंदी महिलाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक सिद्ध होंगे।आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हम सबको यह संकल्प लेना है कि महिलाओं को हर क्षेत्र मे आगे बढ़ने में अपना महत्वपूर्ण योगदान अवश्य दें।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में जेलर संजय कुमार सिंह, डिप्टी जेलर शशिकला वर्मा, डिप्टी जेलर सत्यपाल सिंह सिसोदिया, डॉ. उत्सव जैन तथा नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) पवन कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी बंदी महिलाओं को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र, सेनेटरी पैड, वॉश किट एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। साथ ही कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों को स्मृति चिन्ह (मेमेन्टो) भेंट कर सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त आज़ाद फाउंडेशन सोसाइटी की सचिव शाज़िया सिद्दीकी, फरहा हमीद एवं बरखा रावत को उनके विशेष योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) पवन कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
