सर्किल रेट और मुआवजे की मांग को लेकर भाकियू का जोरदार प्रदर्शन
फर्रुखाबाद/भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सदर तहसील में विशाल धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर भूमि अधिग्रहण के मुआवजे में विसंगतियों को दूर करने और उसे बाजार भाव के अनुसार बढ़ाने की पुरजोर मांग की।
मुआवजे और सर्किल रेट पर उठाए सवाल।
धरने का मुख्य केंद्र बिंदु लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की जा रही भूमि रहा। यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा उपजाऊ जमीन का सर्किल रेट कम और अनुपजाऊ जमीन का अधिक रखा गया है, जो कि पूरी तरह अतार्किक है। किसानों ने मांग की है कि:
* अधिग्रहित भूमि का मुआवजा बाजार भाव के अनुसार चार गुना दिया जाए।
* नगर पंचायत खीमसेपुर में शामिल गांवों का सर्किल रेट नगर पंचायत के मानकों के अनुरूप किया जाए।
* जब तक लेआउट संशोधन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी जमीन की रजिस्ट्री न की जाए।
“मर्जी के बिना नहीं देंगे जमीन”।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने दो टूक शब्दों में कहा कि उनकी सहमति के बिना कोई भी भूमि अधिग्रहण न किया जाए। उन्होंने प्रशासन पर ‘बैनामा’ करने के लिए दबाव न बनाने की चेतावनी भी दी। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का उचित निस्तारण नहीं होता, वे पीछे नहीं हटेंगे।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी।
यह प्रदर्शन जिलाध्यक्ष अजय कटियार के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष (पश्चिम) विजेंद्र सिंह यादव विशेष रूप से शामिल हुए। भारी संख्या में किसान सुबह से ही तहसील परिसर में जुटने लगे थे।
होली तक का दिया अल्टीमेटम।
नारेबाजी करते हुए किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को लेकर गंभीर हैं। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि होली से पहले सभी समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर छविनाथ शाह, अरविंद गंगवार, अनुज राजपूत, राजीव यादव, सतीश कठेरिया और अंकित गंगवार समेत भारी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
