
(कॉन्सेप्ट फोटो साभार- सोशल मीडिया)
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Sultanpur Crime News: मासूम के हाथ में खिलौनों और खेल के अन्य संसाधन छोड़कर फोन पकड़ा देना किस कदर खौफनाक हो सकता है इसका अंदाज़ा आप सुल्तानपुर में हुई इस घटना से लगा सकते हैं कि जहां एक मासूम की ज़िंदगी खुद उसके दोस्त ने ले ली। दअरसल, ये मामला है गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के फरीदीपुर का है, जहां एक मासूम की जान उसी के साथी ने ले ली।
14 साल के एक बच्चे ने एंड्रॉयड फ़ोन से हत्या के तरीके को समझा और खेल खेल में ही मासूम ईशान को जमकर पीटा। इस घटना में मासूम गंभीर रूप से जख्मी हो गया। जिसके बाद घर वाले उसको लेकर लखनऊ के लिए भागे, जहां इलाज के दौरान मासूम की मौत हो गई। फिलहाल पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर लिया है और नाबालिग को हिरासत में ले लिया है।
पढ़ाई के दौरान सिखा कत्ल का तरीका
मोबाइल फोन आज हर व्यक्ति की ज़रूरत बन गया बल्कि रोज़मर्रा की हर ज़रूरत में शामिल हो गया है। यहां तक कि इस कोरोना काल मे जब सभी स्कूल कॉलेज बंद हैं तो ऑनलाइन पढ़ाई का ज़रिया भी मोबाइल ही है और इसी पढ़ाई के दौरान बच्चे ने मासूम का कत्ल का तरीका भी सिख लिया। बीते 4 अगस्त को फरीदीपुर का रहने वाला मासूम ईशान अपने साथियों के साथ खेल रहा था, इसी दौरान 14 साल के एक बच्चे ने उसको पीटना शुरू कर दिया।
इस पिटाई में मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया उसके सिर में गंभीर चोटें आई परिजन उसको जिला अस्पताल लेकर गए जहां मासूम की गंभीर हालत को देखकर डॉक्टरों ने हायर सेंटर लखनऊ के लिए रेफर कर दिया, जहां पर इलाज के दौरान 9 अगस्त को मासूम ईशान की मौत हो गई।
बच्चे को भेजा गया बाल सुधार गृह
चूंकि पुलिस ने मारपीट का मामला दर्ज कर लिया था। मौत के बाद पुलिस ने जब जांच पड़ताल शुरू की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। शुरुआती जांच में पुलिस को वो सबूत मिल गए जो हत्या की तरफ इशारा कर रहे थे। पुलिस ने जब उसके दोस्त को पकड़कर पूछताछ की तो पता चला कि दोस्त ने एंड्रॉयड फ़ोन का जरिये हत्या के तरीकों को सर्च किया था और उसी अंदाज में मासूम की पिटाई की और उसकी मौत हो गई। बहरहाल, पूरे मामले में पुलिस ने पहले की मारपीट की धारा में गैर इरादतन हत्या की धारा को जोड़कर नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया है।
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