मंडियों में गेहूं के दाम एक बार फिर उफान पर हैं और इसके भाव MSP के पार हैं। महाराष्ट्र में 3500 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है। गेहूं के सबसे उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में भाव 2450 तक पहुंच गए हैं जबकि 2022-23 के लिए MSP 2015 रुपए क्विंटल है।
क्या है इस तेजी के पीछे के कारण और इंडस्ट्री पर इसका कितना असर पड़ रहा है। गेहूं का मंडी भाव MSP के पार निकल गया है। महाराष्ट्र में गेहूं का भाव – 3500 रुपये प्रति क्विंटल है। 2022-23 की MSP 2015 रुपये प्रति क्विंटल था।
मंडियों में भाव 3500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा है। उत्तर प्रदेश में गेहूं का भाव 2100-2450 रुपये प्रति क्विंटल के पास पहुंचा है। इंटरनेशनल मार्केट में कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। मंडी पर गेहूं के भाव पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश में गेहूं का मंडी भाव 2100-2450 रुपये प्रति क्विटल है जबकि राजस्थान के मंडी में 2000-2500रुपये प्रति क्विटल , मध्य प्रदेश में 2000-2880 रुपये प्रति क्विटल, गुजरात में 2000-3000 रुपये प्रति क्विटल और महाराष्ट्र के मंडी में 3000-3500रुपये प्रति क्विटल गेहूं का भाव है।
बता दें कि साल 2016-17 में गेहूं का उत्पादन 9.85 करोड़ टन रहा था। 2016-17साल 2017-18 में गेहूं का उत्पादन 9.99 करोड़ टन रहा थी जबकि 2018-19 में गेहूं का उत्पादन 10.36 करोड़ टन, 2019-20 में 1079 करोड़ टन , 2020-21 में 10.96 करोड़ टन, 2021-22 में 10.77 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन हुआ था।
गेहूं के उत्पादन को लेकर कई तरह के अनुमान लगाए गए है। सरकार ने गेहूं के उत्पादन का 11.218 करोड़ टन उत्पादन अनुमान लगाया है। जिसके बाद 11.274 करोड़ टन उत्पादन अनुमान लगाया गया। वहीं पिछले साल 10.774 करोड़ टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। एग्रीकल्चर एक्सपर्ट सिराज हुसैन का कहना है कि गेहूं के उत्पादन अनुमान में सबकी राय अलग है।
भारत, अमेरिका के उत्पादन अनुमान में भिन्नता है। उत्पादन अनुमान और खपत में काफी अंतर देखने को मिलता है। उत्पादन कम होने पर कीमतों पर असर देखने को मिलता है। भारत सरकार गेहूं इंपोर्ट ड्यूटी 40% तक घटा सकती है।
