
दुकान में चोरी के बाद देखते लोग
दुकान में चोरी के बाद देखते लोग
up crime news: उत्तर प्रदेश के कई जिलों से शनिवार को आपराधिक घटना की खबरें आई हैं। इन खास खबरों को एक नजर में आप जान सकते हैं। तो आइए इन खबरों पर एक नजर डालते हैं…
बहराइच: कोतवाली के सामने चोरों ने दुकानों का ताला तोड़ चोरी की वारदात को दिया अंजाम
जिले में पुलिस के नाक के नीचे चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम देकर फरार हो गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। बीती रात चोरों ने दो दुकानों का ताला तोड़कर लाखों का सामान व नगदी लेकर फरार हो गए। शनिवार की सुबह घटना की जानकारी होने पर कोतवाली के पुलिसकर्मियों के होश उड़ गए। पुलिस ने घटना स्थल का जांच कर जल्द ही इसका खुलासा करने का दावा किया है।
नगर कोतवाली के सामने हिमांशु कंसल की दुर्गा मशीनरी के नाम से दुकान स्थित है। बीती रात चोरों ने दुकान के शटर का ताला तोड़कर दुकान में रखे 70 हजार रुपये नगदी चोरी करके फरार हो गए। इन्हीं के कुछ दूरी पर संदीप वर्मा की सेनेट्ररी की दुकन स्थित है। पीड़ित ने बताया कि एक लाख 70 हजार रुपये नगद व ढाई लाख रुपये का सामान चोरी करके चोर फरार हो गए है। घटना की सूचना पर पहुंचे दुकान मालिकों के होश उड़ गए। दुकान में रखे सामान व नगदी गायब रहा। नगर कोतवाली के सामने हुई चोरी से पुलिस के गश्त पर सवाल उठने लगे हैं।
नगर कोतवाल हर्षवर्धन सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। तहरीर अभी नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा और जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
रिपोर्ट- अनुराग पाठक
लखीमपुर खीरी: कर्ज में डूबे किसान ने पिया कीटनाशक, इलाज के दौरान मौत
कर्ज में डूबे एक किसान ने खेत में कीटनाशक पीकर जान दे दी। जब परिवार वाले उसे तलाशते हुए खेत पहुंचे तो किसान वहां बेहोश अवस्था में मिला। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए जहां उपचार के दौरान तीसरे दिन उसकी मौत हो गई।
परिवारवाले कह रहे हैं कि किसान पर 2 लाख रुपये का कर्ज था। और गन्ना के मूल्य का भुगतान भी नहीं होने से काफी परेशान था। इसके चलते किसान ने यह आत्मघाती कदम उठाया। जबकि तहसील प्रशासन का कहना है कि गन्ना भुगतान आदि को लेकर हमारे यहां ऐसी कोई शिकायत किसान द्वारा नहीं अमल में लाई गई है। अगर ऐसी कोई बात आई होती तो उसकी हर संभव मदद की जाती। इधर किसान के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौप दिया गया है।
गोला गोकर्णनाथ तहसील के कंजा गांव निवासी था किसान
श्रीपाल (55) पुत्र भोलानाथ पिछले काफी समय से गन्ने की खेती कर रहा था। श्रीपाल के पास बीस बीघा जमीन है। मृतक किसान के दो बेटे व दो बेटियां है, जिसमें बड़े बेटे विक्रम की शादी हो गई है, बाकी तीन अविवाहित है। विक्रम का कहना है कि उसके पिता ने फसल बुआई के लिए बैंक से दो लाख रुपए का ग्रीन कार्ड बनवाया था। जिस फसल के लिए कर्ज लिया गया था वह भी बाढ़ की वजह से दो सालों से नहीं हो सकी और जो गन्ना मिल में लगाया गया था, उसका भुगतान भी दो सालों से नहीं हो सका है। बैंक से कर्ज का पैसा जमा करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इस वजह से पिता काफी परेशान रहते थे।
घर में मेरी दो बहने हैं जिनकी शादी होना बाकी है इस चिंता से ग्रसित होकर पिता ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। जबकि हम लोग उन्हें काफी समझाते थे कि समय का इंतजार करो, जल्द ही कर्ज भी दूर हो जाएगा और स्थितियां ठीक हो जाएंगी। बुधवार को वह शाम करीब तीन बजे खेतों में धान की फसल पर कीटनाशक दवाई का छिड़काव करने गए थे, वहीं पर उन्होंने कीटनाशक दवाई पी ली। रात तक जब वह वापस घर नहीं लौटे तो हम लोगों ने खेत पर जाकर देखा तो वह बेहोशी की हालत में पड़े थे। आनन फानन में उनको सीएचसी गोला लेकर गए, जहां इलाज के बाद हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम करा कर परिजनों को सौंप दिया है।
वहीं एसडीएम गोला अखिलेश यादव का कहना है कि किसान की मौत की जानकारी हमें नहीं है। न ही अभी तक हमारे पास ऐसी कोई शिकायत आई है। अगर कर्ज व गन्ना भुगतान को लेकर किसान हमारे पास आता तो हम जरूर उसकी कुछ मदद करते फिर भी किसान ने आत्महत्या क्यों कि है इसकी जांच की जाएगी।
रिपोर्ट- शरद अवस्थी
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