एटा – दिनांक 17 मई 2022 को खेमका पेट्रोल पम्प के केबिन में मिले, मृतक सेल्समेन रामनरेश के शव के सम्बन्ध में दर्ज हत्या का अभियोग निकला झूठा गलत बनाई गई पोस्टमार्टम रिपोर्ट का खुलासा।
*घटना का संक्षिप्त विवरण-
दिनांक 17.05.2022 को थाना कोतवाली नगर पर वादी श्री संजू पुत्र दुर्बीन सिंह निवासी शीतलपुर थाना कोतवाली नगर एटा द्वारा सूचना दी गई कि थाना कोतवाली नगर क्षेत्रांतर्गत खेमका पैट्रोल पम्प पर बने केविन में उनके भाई सेल्समेन रामनरेश उम्र करीब 46 वर्ष की गले में केबिल का फंदा डालकर हत्या कर दी है। इस सूचना पर थाना कोतवाली नगर पर मुअस0– 306/22 धारा 302, 120बी, 404 भादवि0 बनाम रामसेवक पुत्र राजपाल निवासी भगीपुर थाना कोतवाली नगर एटा आदि 03 नामजद व अन्य पंजीकृत कर नियमानुसार पंचायतनामा व पोस्टमार्टम की कार्यवाही कराई गई।
*अनावरण
उक्त घटना से सम्बन्धित पोस्टमार्टम रिपोर्ट जिला चिकित्सालय एटा के चिकित्सकों द्वारा तैयार की गयी घटना की परिस्थितियों तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का गहराई से विश्लेषण करने के बाद स्थानीय पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्ष पर संदेह उत्पन्न हुआ। गहराई से छानबीन करने पर जिला चिकित्सकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर पुलिस का शक और गहरा होने लगा, तदोपरांत कोई निर्दोष व्यक्ति इस जन्य घटना में जेल ना जाये, इस उद्देश्य से पुलिस द्वारा एफएसएल लखनऊ से मेडिकोलीगल एक्सपर्ट राय पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में मांगी तथा घटनास्थल की पुनःसंरचना (सीन रिक्रिएशन) हेतु एफएसएल आगरा यूनिट का एक्सपर्ट तकनीकी सहयोग प्राप्त किया गया, दोनों एक्सपर्ट संस्थाओं द्वारा जिनकी गणना देश की महत्वपूर्ण एक्सपर्ट संस्था के रूप में होती है, से प्राप्त अभिमत के अनुसार उक्त घटना का आत्महत्या होना पाया गया।
*मुख्य बिंदु-
1. वादी तथा गवाहों के बयानों, निरीक्षण घटनास्थल, शरीर व कपड़ो पर कोई प्रतिरोध का निशान नहीं पाया गया था।
2. सीसीटीवी फुटेज चैक करने से ज्ञात हुआ कि जिस कमरे मे मृतक का शव मिला था उस कमरे में मृतक के अन्दर जाने के बाद और कोई व्यक्ति अन्दर नहीं गया था।
3. जिसके बाद घटना का सीन रिक्रिएशन कराया गया तो घटना गला घोटने की न होकर आत्महत्या (हैंगिंग) किया जाना पाया गया।
4. मृतक के गले पर रस्सी का एक ही निशान पाया गया, एफएसएल टीम को गले पर अन्य किसी प्रकार का निशान नहीं मिला।
5. मृतक रामनरेश शराब पीने का आदी था, किसी मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या किये जाने की बात प्रकाश में आई है।
*अनुवर्ती कार्यवाही
इस प्रकार मेडिकोलीगल संस्थान एफएसएल की विशेषज्ञ संस्था द्वारा यह प्रमाणित किया गया कि जनपद एटा में इस अभियोग में जिला चिकित्सालय के चिकित्सकों द्वारा एक जघन्य घटना में गलत पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की गयी। जिससे कई निर्दोष व्यक्ति जेल जा सकते थे इस सम्बन्ध में अग्रेतर विभागीय कार्यवाही की जायेगी।
