शक्ति और भक्ति का प्रतीक नवदुर्गा व्रत हवन पूजन तथा कन्या भोज के साथ हुआ संपन्न
कायमगंज / फर्रुखाबाद
संपूर्ण भारत वर्ष में मां भगवती को आराध्य देवी के रूप में अलग-अलग नामों से अलग-अलग क्षेत्रों में पूजा जाता है।आरंभ से ही मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों का पूजन करते हुए भक्तों ने व्रत रखा। अपने घरों पर देवी का विग्रह स्वरूप चित्र स्थापित कर उसी स्थान को मंदिर का स्वरूप दे दिया। इसी के साथ नित्य सवेरे और शाम को व्रत धारी भक्तगण देवी मंदिरों में जाकर मान्य परंपरा के अनुसार आराध्य देवी मां की पूजा करते रहे। व्रत समापन अवसर पर आज नवमीं व्रत का समापन कर दिया गया। इस अवसर पर आज हवन पूजन के साथ ही पूरी श्रद्धा और आस्था से देवी स्वरूप कन्याओं को कन्या भोज कराया गया। उनके चरण स्पर्श कर भक्तों ने दान दक्षिणा दे आशीर्वाद प्राप्त किया। सवेरे से ही देवी भक्त कन्याओं को भोज के लिए आमंत्रित कर बुलाते हुए नजर आ रहे थे। आज ऐसा संयोग देखने को मिल रहा है, कि जो लोग अपने घर में कन्या का जन्म लेने पर कुछ बहुत अधिक खुश दिखाई नहीं देते थे। उन्हें कन्या भोज के लिए दर-दर भटकते हुए कन्याओं की तलाश में कन्याओं की चिरौंजी मान मनोब्बल करते हुए देखा गया। दिन के लगभग 11:00 बजे तक ऐसी स्थित नजर आ रही थी कि मानो कन्याओं का टोटा हो गया हो। वरहाल खुशगवार माहौल में भक्तों ने पूरी धार्मिक मान्यता के अनुसार व्रत समापन अवसर पर कन्या भोज कराया। इसी के साथ बहुत से भक्त धार्मिक स्थलों तथा देवी मंदिरों में भी प्रसाद तथा कन्या भोज की सामग्री लेकर पहुंचे। जहां उन्होंने श्रद्धा के साथ कन्याओं को कन्या भोज पर आमंत्रित कर भोजन तथा प्रसाद ग्रहण कराया। कायमगंज नगर में मां भगवती फूलवती देवी मंदिर सधवाडा, ललिता देवी मंदिर गंगादरवाजा ,शिवाला भवन गंगादरवाजा, बड़ी देवी मंदिर चिलौली आदि मंदिरों में प्रातः ब्रह्म मुहूर्त से ही देवी भक्तों का जनसैलाब एक बार फिर हिलोरें मारता हुआ दिखाई दे रहा था। ठीक इसी तरह धार्मिक नगरी कंपिल, खोर राजाओं की नगरी कहे जाने वाले कस्बा शमशाबाद, नवाबगंज एवं समूचे ग्रामीण क्षेत्र में हर घर में तथा हर देवस्थान एवं मंदिरों में भक्तों की भीड़ पूजा अर्चना के लिए तथा कन्या भोज के लिए उमड़ती हुई दिखाई दे रही थी। मान्यता है कि पूरा व्रत नियम पूर्वक रखते हुए मां की आराधना करने वाले को इस लोक में सुख एवं समृद्धि प्राप्त होती है। शायद इसीलिए मां भगवती का उनके भक्तों ने पूरी श्रद्धा भाव से हवन पूजन के साथ व्रत समापन किया।
