लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधानसभा का सत्र 15 दिसम्बर से शुरू होगा। इसको लेकर विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने मंगलवार को कार्यमंत्रणा समिति की बैठक कर विधानसभा सत्र का तीन दिवसीय कार्यक्रम जारी कर दिया है। योगी सरकार अपने अंतिम सत्र में अनुपूरक बजट प्रस्तुत करेगी। इसके साथ ही सरकार इस सत्र में पूर्ण बजट लाने के बजाए चार महीने का लेखानुदान पास कराएगी। बुधवार की सुबह 11 सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले 10 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गयी है।
उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने 15 दिसम्बर से प्रारम्भ हो रहे 2021-22 के चतुर्थ सत्र के द्वितीय अनुपूरक अनुदानों की मांगों और वित्तीय वर्ष 2022-23 का आय-व्ययक (अन्तरिम) तथा उसके एक भाग के लिए लेखानुदान को सदन में प्रस्तुत किये जाने पर विचार-विमर्श किया।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में 15 दिसम्बर के कार्यक्रम पर विचार-विमर्श हुआ। बुधवार को विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव राजभर, सीडीएस बिपिन रावत एवं उनके सहयोगियों की असामायिक निधन के निदेश लिये जायेंगे। 16 दिसम्बर को सुबह 11 बजे द्वितीय अनुपूरक मांगों एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 के आय-व्यय (अन्तरिम) और उसके एक भाग के लिए लेखानुदान प्रस्तुत किया जायेगा। बजट प्रस्तुतीकरण के उपरांत प्रश्न लिये जायेंगे। उसके उपरांत सदन के एजेण्डा के अनुसार सामान्य कार्यक्रम सम्पन्न होगा। इसी दिन शाम 4.30 बजे विधान सभा के सभी सदस्यों का फोटो ग्रुप का आयोजन होगा। 17 दिसम्बर को सदन में द्वितीय अनुपूरक मांगों पर चर्चा एवं पास किया जाएगा।
बैठक में उत्तर प्रदेश विधानसभा उपाध्यक्ष नितिन अग्रवाल, संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता विरोधी दल रामगोविन्द चौधरी, बहुजन समाज पार्टी के नेता उमाशंकर सिंह और अपना दल (एस) के नेता नील रतन पटेल के स्थान पर हरिराम शामिल हुए। कांग्रेस विधान मण्डल दल की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ अपरिहार्य कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो पायीं। बैठक में स्वामी प्रसाद मौर्या, रमापति शास्त्री, राज्यमंत्री गुलाब देवी, विधायक फतेह बहादुर सिंह भी शामिल हुए। उत्तर प्रदेश विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे एवं प्रमुख सचिव संसदीय कार्य जेपी सिंह व अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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