उधारी के रुपये के लिए युवक की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
शराब पिलाकर धुमरी पुल के पास ले गए आरोपी, टायर लीवर से सिर पर वार कर की हत्या, बोरे में शव भरकर काली नदी में फेंका
एटा। थाना अलीगंज क्षेत्र में करीब 12 दिन से लापता विमलेश की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार उधार दिए गए रुपये वापस नहीं मिलने से नाराज होकर हत्या की साजिश रची गई थी। आरोपियों की निशानदेही पर काली नदी से मृतक का शव, मोटरसाइकिल और हत्या में इस्तेमाल टायर लीवर बरामद किया गया है। पुलिस के मुताबिक ग्राम गलारपुर निवासी विमलेश (35) पुत्र संतराम 20 अक्टूबर 2026 को लापता हो गया था। उसकी पत्नी ने 22 अक्टूबर को थाना अलीगंज में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। परिजनों ने अपहरण कर हत्या किए जाने की आशंका जताई थी। इसके बाद 28 अक्टूबर को रोहित और अजीत के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि विमलेश की हत्या कर शव धुमरी पुल से काली नदी में फेंका गया है। इसके बाद पुलिस ने पीएसी फ्लड सेक्शन की स्टीमर और गोताखोरों की मदद से तीन से चार दिनों तक तलाश अभियान चलाया। 31 अक्टूबर को ग्राम रसूलपुर के पास काली नदी से विमलेश का शव बरामद हुआ।पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी रोहित ने बताया कि विमलेश पर उसके रुपये उधार थे, जिन्हें वह वापस नहीं कर रहा था। इसी रंजिश में उसने अपने रिश्तेदार अजीत के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार 20 अक्टूबर को दशहरे की शाम रोहित ने विमलेश को शराब पिलाई और बहाने से धुमरी काली नदी पुल के पास ले गया। वहां दोनों आरोपियों ने टायर लीवर से उसके सिर पर वार कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर काली नदी में फेंक दिया।
पुलिस ने 1 नवंबर को दोनों आरोपियों रोहित पुत्र शिवराम निवासी गलारपुर और अजीत पुत्र अजय सिंह निवासी नरेरा को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर मृतक की मोटरसाइकिल, हत्या में प्रयुक्त टायर लीवर और रोहित के घटना के समय पहने खून से सने कपड़े बरामद किए गए हैं।कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रूपेश कुमार वर्मा सहित उपनिरीक्षक घनश्याम सिंह, जयवीर सिंह, अशोक कुमार तथा कांस्टेबल मनोज कुमार, सचिन कुमार और जयदीप सिंह शामिल रहे।
