मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए किया गया जागरूक
खाद्य प्रसंस्करण विभाग की योजनाओं, मशीनों पर अनुदान एवं स्वरोजगार के अवसरों की दी गई जानकारी
एटा। खाद्य प्रसंस्करण विभाग, उत्तर प्रदेश के अधीन संचालित राजकीय फल संरक्षण केंद्र एटा के तत्वावधान में विकास खंड जलेसर के ग्राम शंकरगढ़ (जलेसर देहात) में दो दिवसीय मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन ग्राम प्रधान शैलेन्द्र सिंह राजपूत द्वारा फीता काटकर एवं मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षणार्थियों को स्टेशनरी सामग्री (प्रशिक्षण किट) भी वितरित की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बलवीर सिंह ने मुख्यमंत्री ग्राम स्वरोजगार योजना के उद्देश्यों एवं लाभों की जानकारी देते हुए ग्रामीणों को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया। सेवानिवृत्त प्रभारी वीरेन्द्र सिंह ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया एवं आवश्यकताओं के बारे में विस्तार से बताया। वहीं सेवानिवृत्त प्रभारी मनोज कुमार दीक्षित ने खाद्य प्रसंस्करण में उपयोग होने वाली मशीनों, खाद्य पदार्थों के संरक्षण तथा उद्योग संचालन की तकनीकी जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में बेकरी उद्योग, डेयरी उद्योग, मसाला उद्योग, आटा चक्की एवं मिनी तेल मिल जैसे लघु खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने की संभावनाओं पर विशेष प्रकाश डाला गया। राजकीय फल संरक्षण केंद्र एटा के प्रभारी शैलेन्द्र कुमार वर्मा ने खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा अनुमन्य मशीनों एवं उपकरणों पर मिलने वाले अनुदान तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत उपलब्ध प्रोत्साहन एवं सुविधाओं की जानकारी दी।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं, महिलाओं एवं इच्छुक लाभार्थियों को स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना तथा उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने के लिए तकनीकी एवं योजनागत जानकारी उपलब्ध कराना है।
विभाग की अपील है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अधिक से अधिक इच्छुक युवा, महिलाएं एवं अन्य लाभार्थी खाद्य प्रसंस्करण से संबंधित सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे आएं। इससे न केवल ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि स्थानीय कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।जिला सूचना कार्यालय एटा 👆🏻
