
असम पुलिस। (Social Media)
असम पुलिस। (Social Media)
अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद से दुनियाभर में तालिबानियों का मुद्दा छाया हुआ है, कई लोग जोर-शोर से उनका विरोध करते नजर आ रहे हैं तो वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो तालिबानियों का समर्थन कर रहे हैंं। ऐसा ही कुछ मामला भारत के कुछ राज्य में भी सामने आया है। जहां उत्तरप्रदेश, दिल्ली और असम समेत कुछ राज्यों में कई अराजक लोग तालिबान के समर्थन में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट लिखी है। जिसके बाद असम सरकार ने सख्ती दिखाते हुए तालिबान समर्थकों पर कार्रवाई की है।
असम पुलिस ने 14 लोगों को किया गिरफ्तार
तालिबान द्वारा अफगानिस्तान पर कब्जे का सोशल मीडिया पर कथित तौर पर समर्थन करने को लेकर असम में 14 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक ये गिरफ्तारी शुक्रवार रात से की गई और इन पर गैरकानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम, आईटी अधिनियम और सीआरपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ऐसे अराजकताओं को लेकर हम सतर्क
असम पुलिस अधिकारी के मुताबिक हम सतर्क हैं और आपत्तिजनक पोस्ट के लिए सोशल मीडिया पर निगरानी कर रहे हैं. कामरूप मेट्रोपोलिटन, बारपेटा, धुबरी और करीमगंज जिलों से दो-दो लोगों की गिरफ्तारी हुई है। वहीं दरांग, काचर, हैलाकांडी, दक्षिण सलमारा, गोलपारा और होजाई जिलों से एक-एक व्यक्ति की गिरफ़्तारी हुई है। उप महानिरीक्षक ने कहा कि असम पुलिस सोशल मीडिया पर तालिबान के समर्थन में टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने ट्वीट किया कि हम इस तरह के लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर रहे हैं। अगर आपकी नजर में कोई ऐसी चीज आती है तो कृपया पुलिस से संपर्क करें।
मुनव्वर राणा ने महर्षि वाल्मीकि और तालिबान की तुलना की
बता दें अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद मशहूर शायर मुनव्वर राणा ने कहा था कि तालिबान से ज्यादा हथियार भारत में रहने वाले माफियाओं के पास है। इसके अलावा, उन्होंने तालिबान और महर्षि वाल्मीकि की तुलना भी कर दी थी। मुनव्वर राणा के अलावा सपा के एक सांसद ने भी तालिबान के समर्थन में बयान दिया था।
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