एटा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एंव माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा के आदेशानुसार आज दिनांक 10 अप्रैल 2026 को कामायनी दुबे, सिविल जज (सी0डि0)/प्रभारी-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिला कारागार, एटा का औचक निरीक्षण किया गया। सचिव, द्वारा महिला बैरेक, कारागार चिकित्सालय में जाकर निरूद्ध बन्दियों की समस्याओं को सुना गया और पूछा कि अपने वाद की पैरवी हेतु आपके पास अपना अधिवक्ता है अथवा नहीं, यदि नहीं है, तो वाद की पैरवी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता प्रदान कराया जायेगा।
जेल अधीक्षक, जिला कारागार, एटा अंकेक्षिता श्रीवास्तव को निर्देशित किया गया प्रत्येक बंदी से जानकारी प्राप्त करें की आपका अपना अधिवक्ता है या नहीं, यदि नहीं है तो अधिवक्ता प्राप्त करने हेतु बंदी का प्रार्थना पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा भेजें और इसके साथ ही जिला कारागार के अन्दर साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था रखे और यदि कोई भी बन्दी अस्वस्थ नजर आये तो उसे तुरन्त जिला कारागार के चिकित्सक को दिखायें।
प्रभारी-सचिव द्वारा जिला कारागार, एटा में निरूद्ध बन्दियों को निःशुल्क अधिवक्ता एवं न्यायालय द्वारा जमानत उपरान्त जामानती के अभाव में कारागार में निरूद्ध बंदियों के संबंध में जेल अधीक्षक, जिला कारागार, एटा के साथ विस्तृत चर्चा की गयी तथा असिस्टेण्ट, लीगल एड डिफेन्स कॉउन्सिल सिस्टम को निर्देशित किया गया कि जिन बन्दियों को निःशुल्क अधिवक्ता की जरूरत है उनकी पैरवी करना सुनिश्चित करें तथा उनका सहयोग प्रदान करें।
इस अवसर पर शशिकाल वर्मा, डिप्टी जेलर, जिला कारागार, एटा, डा0 उत्सव जैन जिला कारागार चिकित्साधिकारी एवं आदि कारागार अधिकारीगण व लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, शिवम् मिश्रा एवं समस्त कर्मचारीगण आदि उपस्थित रहे।
