वाराणसी: नगर निगम सदन की बैठक में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। महापौर मुर्दाबाद के नारे लगे। पार्षदों ने बैठक स्थगित करने के नियमों का हवाला देते हुए भी शोर मचाया। करीब पांच घंटे चली बैठक में जनहित के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को पास नहीं किया जा सका। म्युनिसिपल बांड, डोर टु डोर कूड़ा उठान का यूजर चार्ज, पार्किंग स्थलों के पास यूरिनल व पेयजल व्यवस्था, सीवर, पेयजल आपूर्ति व वार्डों में लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के कार्य अटके होने को लेकर फैसला नहीं हो सका।
टाउनहॉल के सभागार में शुक्रवार को दोपहर 12 बजे बैठक शुरू हुई। पार्षद अफजाल अंसारी ने काम रोको प्रस्ताव रखा और सराय गोवर्द्धन में विकास कार्य के लिए लगे शिलापट्ट में पार्षद स्व. संजय सिंह के नाम को ढकने पर आपत्ति जताई। महापौर मृदुला जायसवाल ने निगम प्रशासन से इस शिकायत को दूर करने को कहा। इसके बाद कार्यकारिणी से पास प्रस्तावों पर चर्चा हुई। गेल द्वारा राजघाट से खिड़किया घाट के बीच सीएनजी फिलिंग स्टेशन बनाने के लिए 2000 वर्गमीटर जमीन के प्रस्ताव पर चर्चा के बाद इसे पास कर दिया गया।
तंबाकू अधिनियम को लागू करने संबंधी प्रस्ताव पर पार्षदों ने आपत्ति जताई। पार्षद सीताराम केसरी ने इसमें संशोधन की मांग की और जनहित में नगर निगम सीमा में तंबाकू पर प्रतिबंध का प्रस्ताव शासन को भेजने को कहा। इस अधिनियम में तंबाकू बेचने के लिए लाइसेंस प्रक्रिया और अन्य उत्पादों की बिक्री पर रोक का विरोध हुआ। पार्षद अशोक मौर्या, दिनेश यादव ने कहा कि अधिनियम को लागू करने से पहले व्यवहारिकता देखी जानी चाहिए।
शहीद विशाल पाण्डेय के नाम पर हुकुलगंज में उनकी गली का नाम रखे जाने पर सदन सहमत हो गया। राजेश यादव चल्लू, अजीत सिंह ने क्रमश: पूर्व वित्त मंत्री हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, एडवोकेट महेंद्र कुमार सिंह व संपादकाचार्य बाबूराव विष्णु पराड़कर के नाम से सड़क-गलियों के नामकरण के पूर्व के प्रस्ताव पास कराने की मांग की। विशिष्टजनों की प्रतिमाएं लगाने की चर्चा में विधिक राय लेने को कहा गया। अपर नगर आयुक्त डीडी वर्मा ने कहा कि नामकरण के लिए अनुमति लेने की की जरूरत नहीं है। हालांकि नगर आयुक्त प्रणय सिंह के विधिक राय लेने के सुझाव पर पार्षदों ने गहरी नाराजगी जताई। राजेश यादव चल्लू ने टेबल गिरा दिया, माइक फेक दिया। तभी महापौर ने आधे घंटे के लिए सदन स्थगित कर दिया। इसपर महापौर मुर्दाबाद के नारे लगे। पार्षद राजेश यादव चल्लू व कुंरकांत सिंह ने कहा कि नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 114 (2) के तहत सदन को यह अधिकार है कि निगम में निहित सड़कों, गलियों का नामकरण विशिष्टजनों के नाम पर कर दे। इसमें कहीं भी शासन से अनुमति या विधिक राय की जरूरत नहीं है। पार्षद प्रशांत सिंह पिंकू, अजीत सिंह ने सदन की अनुमति के बिना महापौर द्वारा बैठक स्थगित करने पर विरोध किया। करीब 20 मिनट बाद सदन शुरू हुआ। पार्षदों ने महापौर पर शालीनता से व्यवहार न करने का आरोप लगाया। वहीं महापौर ने सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
शहर में रविवार को सफाई न होने से नाराज सपा पार्षद भैयालाल यादव सदन के बाहर प्रवेश द्वार पर धरने पर बैठ गये। बैठक में जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया तो महापौर ने कहा कि एजेंडे में शामिल होने के कारण उसी समय चर्चा होगी। जिससे नाराज पार्षद ने धरना शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि रविवार को वार्डों में सफाई नहीं होती है। खासकर सपा पार्षदों के वार्डों में ज्यादा समस्या है। दो घंटे बाद उपसभापति नरसिंह दास ने उनको समझाया और बैठक में लेकर आए।
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