निरंकारी संत समागम में मानव एकता और प्रेम का संदेश गूंजा
एटा। रेलवे ग्राउंड, पराग डेयरी, कानपुर में आयोजित उत्तर प्रदेश प्रादेशिक निरंकारी संत समागम भव्यता, अनुशासन और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ। परम पूज्य सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के दिव्य आशीर्वाद एवं निरंकारी राजपिता जी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस समागम में प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। जिला एटा से भी बड़ी संख्या में भक्तों की सहभागिता रही।
समागम स्थल को सुव्यवस्थित टेंट नगरी के रूप में विकसित किया गया था, जहाँ स्वच्छता, अनुशासन और प्रेमपूर्ण वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालु एक परिवार की तरह आपसी सद्भाव, एकता और शांति के साथ एकत्रित हुए।
समागम से पूर्व निरंकारी यूथ फोरम द्वारा खेलकूद एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। युवाओं ने क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और फुटबॉल में उत्साहपूर्वक भाग लेकर टीम भावना और अनुशासन का परिचय दिया। वहीं, निरंकारी यूथ सिम्पोजियम के माध्यम से युवाओं को आध्यात्मिक विषयों पर विचार व्यक्त करने का मंच मिला।
कार्यक्रम के दौरान “छः तत्व (Six Elements)” विषय पर आधारित स्किट, गीत और पैनल चर्चा प्रस्तुत की गई, जिसमें आध्यात्मिकता को जीवनशैली के रूप में अपनाने का संदेश दिया गया। गीत, प्रवचन और कविताओं के माध्यम से सेवा, प्रेम और मानवता के मूल्यों को उजागर किया गया।
अपने आशीर्वचनों में सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज ने कहा कि परमात्मा विचारों, भावनाओं और रचनाओं में प्रकट होता है और मानव जीवन का उद्देश्य प्रेम, दया, करुणा, विनम्रता व सहनशीलता को अपनाना है। उन्होंने तितली के उदाहरण से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा दी और कहा कि मनुष्य को भलाई के मार्ग पर चलना चाहिए।
उन्होंने सच्ची भक्ति, सेवा, सुमिरन और सत्संग को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि इससे आत्मा को शांति और जीवन को सार्थकता मिलती है। समागम का समापन श्रद्धालुओं द्वारा मानवता, सत्य और एकता के मार्ग पर चलने के संकल्प के साथ हुआ।
