
Aaj ka Panchang 14 July 2022 :हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को शुभ दिन, शुभ तिथि, शुभ मुहूर्त आदि को देखकर किया जाता है. इन सभी चीजों के बारे में पता लगाने के लिए पंचांग(Panchang)की आवश्यकता पड़ती है. जिसके माध्यम से आप आने वाले दिनों के शुभ एवं अशुभ समय के साथ सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय, चन्द्रास्त, ग्रह, नक्षत्र आदि के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त कर सकते हें. आइए पंचांग के पांच अंगों – तिथि, नक्षत्र, वार, योग एवं करण के साथ राहुकाल, दिशाशूल(Dishashool), भद्रा(Bhadra), पंचक(Panchank), प्रमुख पर्व आदि की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते हैं.
गुरुवार को कब लगेगा राहुकाल
हिंदू धर्म किसी भी शुभ कार्य या पूजा को करने से पहले शुभ—अशुभ घड़ी देखने का विधान है, जिसे जानने के लिए हमेशा पंचांग की मदद ली जाती है। पंचांग के अनुसार किसी भी शुभ या फिर मांगलिक कार्य को भूलकर भी राहुकाल के समय नहीं करना चाहिए क्यों कि इस कार्य में किए गए कार्य में अड़चन या फिर असफलता का सामना करना पड़ता है। पंचांग के अनुसार 14 जुलाई 2022, गुरुवार को जिस दिन श्रावण मास की शुरुआत हो री है, उस दिन राहुकाल दोपहर 02:10 से 03:54 बजे तक रहेगा। ऐसे में शिव का पूजन करना हो या फिर कोई और मांगलिक कार्य राहुकाल के समय का विशेष ख्याल रखें।
गुरुवार को किस दिशा में रहेगा दिशाशूल
किसी भी कार्य को करने के लिए पंचांग में न सिर्फ शुभ समय का बल्कि शुभ दिशा के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। पंचांग के अनुसार सप्ताह के सातों दिन किसी न किसी दिशा में दिशाशूल होत है। मान्यता है कि जिस ओर दिशाशूल होता है, उस ओर जाने पर व्यक्ति को तमाम तरह अड़चनों का सामना करना पड़ता है। पंचांग के अनुसार गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा में दिशाशूल होता है। ऐसे में गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करने से बचना चाहिए।
दिशाशूल से बचने का उपाय
सनातन परंपरा में सभी समस्याओं के समाधान के लिए कुछ न कुछ उपाय जरूर बताए गए हैं। यदि आपको गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की ओर जाना बहुत जरूरी हो तो आप ज्योतिष से जुड़े उपाय को करके निकल सकते हैं। ज्योतिष के अनुसार गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा की ओर निकलने से पहले थोड़ा सा जीरा खाकर निकलें तो दिशाशूल के दोष से बचाव होता है।
14 जुलाई 2022 का पंचांग
(देश की राजधानी दिल्ली के समय पर आधारित)
विक्रम संवत – 2079, राक्षस
शक सम्वत – 1944, शुभकृत्
| दिन (Day) | गुरुवार |
| अयन (Ayana) | दक्षिणायन |
| ऋतु (Ritu) | वर्षा |
| मास (Month) | श्रावण |
| पक्ष (Paksha) | कृष्ण पक्ष |
| तिथि (Tithi) | प्रतिपदा प्रात:काल 08:16 बजे तक तदुपरांत द्वितीया |
| नक्षत्र (Nakshatra) | उत्तराषाढा रात्रि 08:18 बजे तक तदुपरांत श्रवण |
| योग (Yoga) | वैधृति प्रात:काल 08:28 बजे तक तदुपरांत विष्कुंभ |
| करण (Karana) | बालव प्रात:काल 10:10 बजे तक तदुपरांत कौलव रात्रि 08:16 बजे तक तदुपरांत तैतिल |
| सूर्योदय (Sunrise) | प्रात: 05:33 बजे |
| सूर्यास्त (Sunset) | सायं 07:21 बजे |
| चंद्रमा (Moon) | मकर राशि में |
| राहु काल (Rahu Kaal Ka Samay) | दोपहर 02:10 से 03:54 बजे तक |
| यमगण्ड (Yamganada) | प्रात:काल 05:33 से 07:16 बजे तक |
| गुलिक (Gulik) | प्रात:काल 09:00 से 10:43 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त (Abhijit Muhurt) | प्रात:काल 11:59 से दोपहर 12:55 बजे तक |
| दिशाशूल (Disha Shool) | दक्षिण दिशा में |
| भद्रा (Bhadra) | — |
| पंचक (Pnachak) | — |
(यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं, इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. इसे सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है.)
कलप्रिट तहलका (राष्ट्रीय हिन्दी साप्ताहिक) भारत/उप्र सरकार से मान्यता प्राप्त वर्ष 2002 से प्रकाशित। आप सभी के सहयोग से अब वेब माध्यम से आपके सामने उपस्थित है।
समाचार,विज्ञापन,लेख व हमसे जुड़ने के लिए संम्पर्क करें।
