
Designing . वस्तु शास्त्र के अनुसार घर में पेड़-पौधे लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इसके अलावा पेड़ लगाने से शुभ फल मिलते हैं. वास्तु के मुताबिक हर चीज के रखरखाव के लिए एक खास दिशा निर्धारित होती है. घर का बगीचा यानी गार्डन वास्तु शास्त्र के अनुरूप होना शुभ माना गया है. ऐसे में जानते हैं कि घर का गार्डेन किस प्रकार होना चाहिए.
वास्तु के अनुसार ऐसा होना चाहिए गार्डन
-वास्तु शास्त्र के मुताबिक जिस प्रकार कमरे वास्तु जीवन को प्रभावित करता है, उसी तरह गार्डन का वास्तु जीवन पर गहरा असर डालता है. वास्तु के अनुरूप बगीचा बनाने से न सिर्फ सेहत अच्छी रहती है बल्कि घर में आर्थिक समृद्धि भी आती है. वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में बगीचा बनाने के लिए उत्तर और पूर्व की दिशा सर्वोत्तम है. वहीं दक्षिण और पश्चिम की दिशाएं गार्डेन बनाने के लिए शुभ नहीं है. हालांकि अगर कोई दूसरा विकल्प मौजूद न हो तो गमले में पौधे लगा सकते हैं.
-वास्तु के मुताबिक उत्तर दिशा का बगीचा करियर में नई अवसर और उन्नति प्रदान करता है. गार्डन में उत्तर दिशा में तुलसी का पौधा लगाना बेहद शुभ माना जाता है. इसके अलावा उत्तर दिशा में हमेशा छोटे और बिना कांटे वाले पौधे लगाने चाहिए. घर की इस दिशा में बने गार्डन में भूलकर भी कैक्टस का पौधा नहीं लगाना चाहिए. अगर वाटर फाउंटेन में दिलचस्पी है तो उसे उत्तर दिशा में लगा सकते हैं.
-वास्तु शास्त्र के मुताबिक फलदार बगीचा हमेशा पूरब दिशा में लगाना चाहिए. दरअसल पूरब दिशा फलदार पौधों के लिए शुभ मानी जाती है. साथ ही छोटे पौधे गमले में लगा सकते हैं. इसके अलावा लाल या गुलाबी रंग के गमलों को दक्षिण-पूर्व दिशा या दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगाया जा सकता है.
-वास्तु शास्त्र के मुताबिक दक्षिण और पश्चिम दिशा में पेड़ लगाना जरूरी है, लेकिन ये पेड़ घर की दीवारों से सटा या उसके करीब नहीं होना चाहिए. अगर घर पश्चिम या दक्षिण मुख का है तो मुख्य द्वार की ओर बड़े पेड़-पौधे समेत लताओं वाले पौधे भी लगा सकते हैं.
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