फिल्म घूसखोर पंडित पर विवाद के बीच मैनपुरी पहुंचीं साध्वी प्राची
मैनपुरी (अजय किशोर)। विवादित फिल्म घूसखोर पंडित को लेकर देशभर में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच साध्वी प्राची शनिवार को मैनपुरी पहुंचीं। फिल्म को लेकर विशेष रूप से ब्राह्मण समाज में भारी नाराजगी देखी जा रही है। मैनपुरी आगमन पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने साध्वी प्राची का फूलों की माला और पगड़ी पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर उन्हें धर्म रक्षा के प्रतीक के रूप में एक तलवार भी भेंट की गई।
फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए साध्वी प्राची ने कहा कि वर्तमान में समाज में कई तरह की फिल्में बन रही हैं। उन्होंने मुंशी प्रेमचंद की कालजयी रचना पर आधारित गोदान जैसी फिल्मों का सकारात्मक उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी फिल्में समाज के लिए अच्छी हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल उन्हीं फिल्मों को स्वीकार किया जाना चाहिए जो राष्ट्रहित और धर्म की रक्षा का संदेश देती हों, बाकी फिल्मों को नकारा जाना चाहिए।
ब्राह्मण समाज को निशाना बनाए जाने के सवाल पर साध्वी ने स्पष्ट किया कि किसी भी समाज को फिल्मों के माध्यम से निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और न ही इसे अनावश्यक मुद्दा बनाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे जातिवाद के मुद्दों से दूर रहें। उनके अनुसार, जब बात देश और राष्ट्र की एकता की हो, तो हमें जातिगत बंधनों और संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर एक सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
साध्वी प्राची के इस बयान ने फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ को लेकर चल रही बहस को एक नया मोड़ दे दिया है। जहां एक तरफ फिल्म का विरोध जारी है, वहीं साध्वी द्वारा जातिवाद के बजाय राष्ट्रवाद को प्राथमिकता देने की बात चर्चा का विषय बनी हुई है। उनके इस दौरे और बयान के बाद क्षेत्र में फिल्म को लेकर चल रही चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं।
