सीरियल रेपिस्ट सतपाल उर्फ सत्तू एनकाउंटर में हुआ ढेर, सीरियल रेपिस्ट सतपाल उर्फ सत्तू की शुरुआत क्रिकेट प्लेयर से हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे वो अपराध की दुनिया की तरफ चला गया।
>1996 में युवराज सिंह के साथ 2 बार रणजी मैच खेला।
>2007 में चंडीगढ़ नगर निगम में पार्षद बना।
>2010 में क्राइम की दुनिया में आ गया। पहली वारदात में ट्रक लूटा।
>2011 से 2022 तक मुजफ्फरनगर (यूपी) जेल में बंद रहा।
>छोटा राजन से कॉन्टैक्ट बने, जेल में रहकर वारदातें कराईं।
>2024 में अपनी बीवी के बॉयफ्रेंड को मार डाला।
>2026 में लुधियाना जेल से भागा।
फिर सीरियल रेपिस्ट बना। 16–18 साल की लड़कियों को आर्मी में भर्ती कराने का झांसा देता। UP में आता, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम लड़कियों को पंजाब ले जाता। रास्ते में उनका रेप करता। हथकड़ी से हाथ बांध देता, फिर हंटर से पीटता।
2–3 दिन रेप करने के बाद लड़कियों को बस स्टैंड पर छोड़कर भाग जाता। ऐसा उसने 4 लड़कियों से किया। आखिरकार 23 जून 2026 को मुजफ्फरनगर में IPS ऑफिसर अमृत जैन ने एनकाउंटर में इस दरिंदे को मार गिराया। इस दुर्दांत अपराधी की तलाश 4 राज्यों की पुलिस को थी।
