बोर्ड ऑफ विजिटर्स, एटा समिति द्वारा जिला कारागार एटा का त्रैमासिक निरीक्षण सम्पन्न
एटा। माननीय उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के निर्देशों के अनुपालन में उ0प्र0 जेल मैनुअल के प्रस्तर-632 में जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिरण, एटा की अध्यक्षता में गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स की समिति द्वारा एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा जिला कारागार, एटा का निरीक्षण करने हेतु निर्देशित किया गया।
उक्त के अनुपालन में राकेश धर दुबे, जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा द्वारा अनिल कुमार-XI, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एटा, सुरेखा, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट / प्रभारी-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एटा, जिलाधिकारी अरविन्द सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ0 इलामारन जी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद, एवं ललित अग्रवाल, कार्यपालक अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग, एटा के साथ आज दिनांक 24.06.2026 को जिला कारागार, एटा का निरीक्षण किया गया। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा द्वारा सभी के साथ प्रत्येक बैरेक में जाकर निरूद्ध बन्दियों की समस्याओं को सुना गया और पूछा कि अपने वाद की पैरवी हेतु आपके पास अपना अधिवक्ता है अथवा नहीं। यदि अधिवक्ता नहीं है, तो मामले की पैरवी हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा द्वारा निःशुल्क अधिवक्ता प्रदान कराया जायेगा तथा बंदियों से मुलाकात के दौरान पाया कि कुछ बंदियों ने जमानत के सम्बन्ध में, पेशी की तारीख, सरकारी अधिवक्ता प्रदान करने आदि के बारे बताया गया, जिसके सम्बन्ध में माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा द्वारा सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिलाधिकारी आदि को निर्देश भी दिये कि बंदियों की समस्याओं का जल्द ही समाधान किया जाये। साथ ही जनपद न्यायाधीश महोदय द्वारा जेल अधीक्षक, जिला कारागार, एटा को यह भी निर्देश दिया गया कि जेल में निरूद्ध बन्दियों का समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाये, गर्मी एवं बारिश के मौसम को देखते हुए, डेंगू, मलेरिया जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिये बंदियों को सभी इन्तजाम मुहैया किये जाये। बदलते मौसम आदि को दृष्टिगत मच्छरों के प्रकोप से भीषण बीमारियों से बचाव एवं साफ-सफाई के इन्तजाम को भी जाँचा गया व उससे सम्बन्धित जेल प्रशासन को दिशा-निर्देश दिये गये, जिससे भीषण गर्मी के प्रकोप से बन्दियों को बचाया जा सके।
प्रभारी-सचिव द्वारा महिला बैरक जाकर निरीक्षण किया गया तथा निरुद्ध महिला बंदियों से बात-चीत की तथा उनकी समस्याओं को सुना। निरीक्षण के समिति द्वारा समस्त रजिस्टरों का अवलोकन किया गया, जिसके दौरान जाति आधारित अथवा शब्दों का कोई उल्लेख नहीं मिला। निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक, जिला कारागार, एटा को निर्देशित किया गया कि जिला कारागार के अन्दर साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था रखे और यदि कोई भी बन्दी अस्वस्थ नजर आये तो उसे तुरन्त जिला कारागार के चिकित्सक को दिखायें।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक अंकेक्षिता श्रीवास्तव, जेलर प्रदीप कुमार कश्यप, कारागार चिकित्सक डॉ0 उत्सव जैन, डिप्टी जेलरगण शशिकला वर्मा, सत्यपाल सिंह सिसोदिया एवं समस्त जेल कर्मचारीगण तथा सुरक्षाकर्मीगण आदि उपस्थित रहे।
