
हरियाणा के पानीपत जिले के 4 पुलिसकर्मियों को बर्खास्त किया गया है। इनमें एक एसआई, एक एएसआई, एक मुंशी और एक सिपाही शामिल है। एसपी शशांक कुमार सावन ने कड़ा एक्शन लेते हुए चारों को तीन अलग-अलग मामलों में बर्खास्त किया है।
सदर थाना के पूर्व प्रभारी एसआई सतबीर और थाने के मुंशी मुख्य सिपाही प्रदीप पर गांव निंबरी में शराब ठेकेदारों द्वारा जयकरण की अपहरण के बाद हत्या के मामले में गाज गिरी है। इतनी बड़ी वारदात में आरोपियों के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर और मिलीभगत कर मामले में समझौता करवाने पर दोनों को बर्खास्त किया गया है। इस मामले की जांच एएसपी पूजा वशिष्ठ ने की थी। एएसपी की जांच में दोनों पुलिसकर्मी दोषी पाए गए।
दसअसल, 13 मार्च को शराब ठेकेदार शहरमालपुर गांव के प्रदीप, गौरव व राजपाल, जोशी गांव के अजीत उर्फ सोनू, छाजपुर के रोहित और सोनीपत के गामड़ी के सुरजीत ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर निंबरी गांव के जयकरण का अपहरण कर डंडों से पिटाई कर दोनों पैर तोड़ दिए थे और शरीर के अन्य अंगों को चोटिल किया था।
आरोपी जयकरण को मृत समझकर भाग गए थे। शराब ठेकेदारों के कथित रूप से थाना सदर से मिलीभगत के चलते घायल जयकरण इतना खौफजदा हो गया था कि उसने अपने दोनों पैर टूटने की घटना को हादसा बताया था। बताया था कि बाइक के सामने कुत्ता आ गया था। इससे बाइक फिसल गई और वह घायल हो गया।
इधर, जयकरण का मामला मीडिया में उछलने के बाद एसपी शशांक सावन की पहल पर आरोपियों पर थाना सदर पुलिस ने केस दर्ज किया था। हालांकि उपचार के दौरान जयकरण की मौत हो गई थी। इसके बाद थाना सदर पुलिस ने हत्या की धारा जोड़ी थी।
अशोक विहार कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने किला थाना पुलिस को शिकायत दी कि 26 मई की सुबह 11 बजे उसकी 22 वर्षीय बेटी का डाबर कॉलोनी के इरशाद ने अपहरण कर लिया। इस साजिश में आरोपी की भाभी भी शामिल है। 27 मई को पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।
इस मामले में जांच अधिकारी किला थाने के एएसआई धर्मबीर निवासी इसराना अगली शाम आरोपी इरशाद के भाई के ससुर फैक्ट्री के खड्डी मास्टर विद्यानंद कॉलोनी के 55 वर्षीय अयुब को थाने लाया था। इरशाद के ठिकानों का पता पूछने लगे। एएसआई ने बुजुर्ग आयुब पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। उसे तपती गर्मी पर नग्न कर पीटा था। जिससे उसकी हालत बिगड़ी और उसे अस्पताल भर्ती करवाया गया। जहां उसकी मौत हो गई थी।
मामले की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी से करवाई गई तो सामने आया कि आरोपी एएसआई धर्मबीर ने एक पक्ष से 10 हजार रुपए रिश्वत ली थी। आरोपी एएसआई आयुब को थाने ले जाता और गाली-गलौज व मारपीट करता। हादसे वाली शाम शराब के नशे में एएसआई धर्मबीर आयुब को घसीटकर थाने ले आया और उसे थर्ड डिग्री देकर मार डाला। इस मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। फिलहाल आरोपी जेल में बंद है। उसे एसपी ने बर्खास्त कर दिया।
शहर के सेक्टर 13-17 थाना क्षेत्र के रहने वाले एक प्रतिष्ठ व्यक्ति को किसी अज्ञात ने जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में पीड़ित ने एसपी से अपनी सुरक्षा की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने सिपाही पंकज को उसकी काबिलियत को देखते हुए पीड़ित की सुरक्षा में बतौर गनमैन लगा दिया। गनमैन लगने के दूसरे दिन ही पंकज ने अपनी वर्दी का रौब और किसी पर नहीं, ब्लकि पीड़ित पर ही दिखाना शुरू किया।
सिपाही ने पीड़ित को ही प्रताड़ित करना शुरू किया। उससे शराब, सिगरेट, नॉनवेज आदि की मांग की। इतना ही नहीं, उसने शराब के नशे में पीड़ित से ही अभ्रदता करते हुए पिस्तौल दिखाई और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले की शिकायत पीड़ित ने एसपी को सबूत देते हुए की। सबूतों के आधार पर एसपी ने जांच डीएसपी को सौंपी। डीएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से गनमैन सिपाही पंकज को बर्खास्त कर दिया।
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