जिलाधिकारी ने विनियमित क्षेत्र कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं जनसुविधा सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के भूखण्ड बिक्री करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई
एटा। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने आज कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विनियमित क्षेत्र कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालयीय व्यवस्थाओं, नक्शा स्वीकृति प्रक्रिया तथा लंबित पत्रावलियों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नक्शा स्वीकृति हेतु प्राप्त आवेदनों का गहनता से अवलोकन किया तथा संबंधित पटल सहायक एवं विनियमित क्षेत्र प्राधिकारी राजकुमार मौर्य को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि नक्शा स्वीकृति से संबंधित सभी प्रकरणों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा आमजन को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि कार्यालय में अनुशासन एवं कार्य संस्कृति बनाए रखते हुए नागरिकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए तथा किसी भी प्रकार का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि अभियान चलाकर ऐसे भवन स्वामियों एवं भूखण्ड धारकों को चिन्हित किया जाए जो कंपाउंडिंग अथवा नक्शा स्वीकृति की श्रेणी में आते हैं। उन्हें नियमानुसार नक्शा स्वीकृत कराने के लिए प्रेरित किया जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की प्रशासनिक अथवा कानूनी कठिनाई उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत विकसित हो रहे ले-आउट एवं कॉलोनियों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना विकसित किए जा रहे ले-आउटों के संचालकों एवं भूखण्ड स्वामियों को नियमानुसार नक्शा एवं ले-आउट स्वीकृत कराने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे भविष्य में नागरिकों को सड़क, पार्क, जलापूर्ति, सीवर व्यवस्था, विद्युत कनेक्शन तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष न करना पड़े।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विनियमित क्षेत्र कार्यालय में प्राप्त होने वाली सभी पत्रावलियों का शासन की मंशा एवं निर्धारित समयसीमा के अनुरूप निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सक्षम प्राधिकारी की बिना स्वीकृति के भूखण्डों का विक्रय कर आमजन को भ्रमित करने वाले भू-माफियाओं एवं अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों के विरुद्ध कठोर प्रवर्तनात्मक कार्यवाही की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में सुनियोजित एवं व्यवस्थित शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता अभियान एवं शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से नागरिकों को भवन निर्माण एवं भू-उपयोग से संबंधित नियमों की जानकारी देकर उन्हें वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाए, जिससे जनपद का विकास सुव्यवस्थित एवं नागरिक सुविधाओं के अनुरूप सुनिश्चित हो सके।
