मायके से पत्नी को लाने निकला परिवार सड़क हादसे का शिकार, पिता-बेटा और मासूम बेटी की मौत; खुशियां मातम में बदली
तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक को मारी भीषण टक्कर, एक ही परिवार के तीन चिराग बुझने से गांव में शोक की लहर
कम्पिल/कायमगंज।
मायके से पत्नी को घर लाने निकला एक परिवार रास्ते में ऐसे दर्दनाक सड़क हादसे का शिकार हो गया कि पूरा परिवार उजड़ गया। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक में इतनी जोरदार टक्कर मारी कि पिता, बेटे और बेटी तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में पिता और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल मासूम बेटी ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। एक ही घर से तीन लोगों की मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में मातम छा गया।
एटा जनपद के थाना जैथरा क्षेत्र के गांव कुंवरपुर निवासी 40 वर्षीय सुनील जाटव, पुत्र इंदल, दिल्ली के नांगलोई क्षेत्र में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे। वह कुछ दिन पहले ही अपने गांव आए थे। शुक्रवार को वह अपनी पत्नी पिंकी को मायके से विदा कराकर घर लाने के लिए बाइक से अटैना जा रहे थे। उनके साथ 10 वर्षीय बेटा विनय और 8 वर्षीय बेटी सौम्या भी थी।
बताया गया कि जैसे ही उनकी बाइक अटैना पुल के पास पहुंची, तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों कई फीट दूर सड़क पर जा गिरे। हादसे में सुनील और उनके बेटे विनय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल सौम्या को तत्काल 108 एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज ले जाया गया।
सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. अमित कुमार ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की हालत अत्यंत गंभीर देखते हुए उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, फर्रुखाबाद रेफर कर दिया। लेकिन उपचार के दौरान मासूम सौम्या भी जिंदगी की जंग हार गई। इस तरह एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पिता-पुत्र के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में बेटी के शव का भी पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
पति और दोनों बच्चों की मौत की खबर सुनते ही पत्नी पिंकी बेसुध होकर गिर पड़ी। परिवार की महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बेटी वंदना समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि सुनील मेहनती और मिलनसार स्वभाव के व्यक्ति थे तथा अपने बच्चों से बेहद स्नेह करते थे। किसी ने भी नहीं सोचा था कि पत्नी को घर लाने निकला परिवार कभी वापस नहीं लौटेगा।
इस हृदयविदारक हादसे ने एक ही पल में पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। गांव कुंवरपुर में शोक की लहर है और हर आंख नम है। ग्रामीणों ने अज्ञात वाहन चालक की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।
