राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने सनमती सेवाधाम डायग्नोस्टिक सेंटर प्रकरण में निष्पक्ष जांच के लिए जिलाधिकारी को लिखा पत्र
निरीक्षण में मिली अनियमितताओं एवं अभद्र व्यवहार पर कठोर कार्यवाही की संस्तुति
महिला हित, जनहित एवं चिकित्सा मानकों से समझौता नहीं होगा :सदस्य राज्य महिला आयोग
एटा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ द्वारा विगत 22 जुलाई को महिला जनसुनवाई कार्यक्रम के पश्चात जनपद स्थित सनमती सेवाधाम सी.टी. स्कैन, पैथोलॉजी एवं डायग्नोस्टिक सेंटर से संबंधित शिकायत एवं निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं पर निष्पक्ष जांच कर आवश्यक विधिक कार्यवाही किए जाने के संबंध में जिलाधिकारी एटा को पत्र प्रेषित किया है।
पत्र में उल्लेख किया गया है कि दिनांक 22 जुलाई 2026 को आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान एक पीड़ित विधवा महिला ने शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि भवन के प्रथम तल को किराये पर दिए जाने के बावजूद डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा कथित रूप से भवन के अन्य तल का भी उपयोग किया जा रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्य महिला आयोग की सदस्य ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सा संस्थान के संचालन से संबंधित विभिन्न अनियमितताएं प्रकाश में आने की बात पत्र में कही गई है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया है कि चिकित्सक की अनुपस्थिति में सी.टी. स्कैन का संचालन तकनीशियन द्वारा किया जाना पाया गया, जो चिकित्सा मानकों एवं मरीजों की सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर विषय है तथा इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि निरीक्षण के दौरान केंद्र संचालक एवं उनके परिजनों द्वारा आयोग की सदस्य तथा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कथित रूप से अभद्र एवं असहयोगपूर्ण व्यवहार किया गया, जिससे निरीक्षण कार्य प्रभावित हुआ। इसे अत्यंत आपत्तिजनक बताते हुए इस संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
राज्य महिला आयोग ने जिलाधिकारी से शिकायतकर्ता महिला की शिकायत की निष्पक्ष जांच, भवन के कथित अनधिकृत उपयोग की जांच, डायग्नोस्टिक सेंटर में निरीक्षण के दौरान मिली चिकित्सा संबंधी अनियमितताओं की विस्तृत जांच तथा आरोप सिद्ध होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है। साथ ही निरीक्षण के दौरान आयोग की सदस्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किए गए कथित अभद्र व्यवहार का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की भी अपेक्षा व्यक्त की गई है।
सदस्य राज्य महिला आयोग ने आशा व्यक्त की है कि महिला हित, जनहित एवं कानून की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रकरण में निष्पक्ष, पारदर्शी एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
