
उत्तरप्रदेश के मेरठ के सोतीगंज मार्केट के करीब 100 दुकानदारों को पुलिस ने 91 सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी किया है। पुलिस ने कहा है कि अगले पांच दिनों में नोटिस का जवाब दें, तब तक दुकानों को बंद रखें। बता दें कि यहां चोरी का सामान बेचा जाता है। जिसके बाद पुलिस की ओर से एक्शन लिया गया है।

आपको बता दें कि पुलिस ने जीएसटी की चोरी, चोरी के स्पेयर्स पाट्र्स बेचने की सूचना के बाद ये नोटिस जारी किया है। कुछ दिनों पहले भी यहां के कुछ कबाड़ कारोबारियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की थी। मेरठ सदर थाना क्षेत्र में आने वाला सोतीगंज बाजार में चोरी के वाहन काटे जाते हैं और फिर उनके पार्ट बेचे जाते हैं।
पुलिस काफी समय से इस बाजार के बड़े वाहन माफिया, जो चोरी का सामान बेचते हैं और चोरी के वाहन काटते हैं, उन पर शिकंजा कस रही है और उसी के तहत ये कार्रवाई की जा रही है। सोतीगंज मार्केट गाडिय़ों के कटने के लिए जाना जाता है। यहां गाडिय़ों के स्पेयर्स पाट्र्स से लेकर उनके कबाड़ का कारोबार होता है।
बताया जाता है कि इस मार्केट में मेरठ समेत दिल्ली-एनसीआर और आसपास के जिलों से वाहन चोरी कर लाए जाते हैं। फिर उन्हें काटकर इनके पाट्र्स को मार्केट की अलग-अलग दुकानों के जरिए खपाया जाता है। पुलिस की ओर से दिए गए नोटिस में कहा गया है कि दुकानदार अपने सामान का वेरिफिकेशन कराएं कि ये सामान उनके पास कहां से आता है और कहां बेचा जाता है।
दुकानदार 5 दिन के अंदर अपने सामान का लेखा-जोखा पेश करें, तब तक के लिए ये दुकानें बंद रहेंगी। सोमवार सुबह भी बड़ी संख्या में पुलिस बल सोतीगंज बाजार पहुंचा। पुलिस ने कहा कि बाजार के कुछ लोगों को गलत सूचना मिली थी कि पूरे मार्केट को बंद कराया जा रहा है, लेकिन ऐसा नहीं है। जिन दुकानदारों को नोटिस दिया गया है, उन्हें ही दुकान बंद रखनी है।
पुलिस ने बताया कि लगातार ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि पिछले दिनों जिन कबाड़ दुकानदारों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई कर उनके सामान और संपत्ति जब्त की है, वे अपने बचे कुछ सामानों को दूसरे दुकानदारों के जरिए बेच रहे हैं, इसलिए अन्य दुकानदारों को नोटिस दिया गया है कि वे अपने सामान का लेखा-जोखा पेश करें।
पुलिस ने बताया कि जांच पड़ताल के बाद ये कार्रवाई की जा रही है। करीब 100 व्यापारियों को 91 सीआरपीसी का नोटिस जारी किया गया है। फिलहाल इन दुकानों को बंद करने की कार्रवाई की जा रही है, पूरा बाजार बंद करने का कोई आदेश नहीं दिया गया है।
कानून के जानकारों के मुताबिक, धारा 91 सीआरपीसी की कार्रवाई का अधिकार पुलिस के पास होता है। जांच पड़ताल के दौरान साक्ष्य जुटाने के लिए दुकान बंद कराई जा सकती है। पुलिस इस धारा के तहत एक समन लिखित में दुकानदार को भेजती है। समन के जरिए बेचे जा रहे सामान का विवरण मांगा जाता है। विवरण उपलब्ध न कराने तक अधिकारी दुकान या गोदाम बंद करा सकते हैं।
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