वन स्टॉप सेंटर व वृद्धाश्रम एटा का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं संतोषजनक, खामियों पर त्वरित सुधार के निर्देश
एटा । उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदत्त एक्शन प्लान-2026 के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में दिनेश चन्द, माननीय जनपद न्यायाधीश /अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा के आदेशानुसार एवं कामायनी दुबे, सिविल जज (सी0डि0)/प्रभारी-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा के द्वारा आज दिनांक 26 मार्च 2026 को वन स्टॉप सेन्टर, एटा एवं कासगंज रोड स्थित वृद्धा आश्रम, एटा का औचक निरीक्षण किया गया।
प्रभारी-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा द्वारा किये गये निरीक्षण के दौरान वन स्टॉप सेन्टर, एटा में दो पीड़िताएँ पाईं गयीं, जिनमें से पीड़िता रानी लगभग 17 वर्ष एवं पीड़िता रूबी की उम्र 19 वर्ष बताई गयी। पीड़िता रानी की जाँच की जा रही है तत्सम्बन्ध में उनके परिवारजनों को सूचित भी किया जा चुका है तथा पीड़िता रूबी के द्वारा बताया गया कि वह अपने ससुराल अपने परिजनों के साथ जाने को तैयार है एवं जा रही है। निरीक्षण के दौरान वन स्टॉप सेन्टर, एटा के सभी कक्षों का विधिवत जायजा लिया गया, पीड़िताओं के लिए खान-पान की उचित व्यवस्था तथा वहाँ साफ-सफाई पर्याप्त पाई गयी व कोई भी अनुचित क्रिया-कलाप नहीं पाये गये एवं कर्मचारीगण अपनी ड्यूटी पर पाये गये, जिनमें से सेन्टर मैनेजर जागृति चतुर्वेदी, स्टाफ नर्स आरती, केस वर्कर दीपका गुप्ता, स0 क्लर्क सचिन यादव, हेल्पर रेखा, आरोही व अनुपम गौतम, सुरक्षा गार्ड दुर्गेश आदि सुरक्षा कर्मी महिलाएँ उपस्थित पाईं गयी।
इसीक्रम में वृद्धाश्रम, एटा का भी निरीक्षण किया गया जिसमें उपस्थित वृद्धजनों से उनके स्वास्थ संबंधी, खानपान आदि के बारे में पूछा साथ ही सभी वृद्धजनों को विधिक जानकारी से जागरुकता प्रदान कराने के साथ ही उनके अधिकरों के बारे बताया एवं वृद्धजनों पर हो रहे शोषण के बारे में भी जागरुक किया तथा वृद्धजन से सम्बन्धित तीन नये कानूनों के बारे में विस्तृत बात-चीत की एवं असहाय वरिष्ट लोगों हेतु विधिक सहायता हेतु नालसा हेल्पलाइन नंबर आदि के बारे में जागरूक किया गया तथा न्यायालय तक पहुँच के बारे में बताया गया।
निरीक्षण के दौरान सभी वद्धजनों का स्वास्थ्य सही पाया गया कुछ महिला वृद्धजनों की आँखों का ऑपरेशन कराया गया जिनका देख-भाल किया जा रहा है, महिला कक्ष में महिलाओं के पास बिस्तर व चादरें पर्याप्त व साफ-सुथरी पायी गयीं। पुरुष वृद्धजनों के पहले कमरे में लगभग 10 पखें के स्थान पर सिर्फ 02 पंखे चालू अवस्था में पाये गयी जिस बावत प्रभारी वार्डेन को बाकी पंखे व अन्य अव्यवस्थाओं को ठीक कराने हेतु निर्देश दिये गये। निरीक्षण के दौरान जीने की सीढ़ियों पर पान-गुटखे के पीक भी पाये गये। इसी क्रम में ज्यादातर वृद्धजनों के द्वारा बताया गया कि कई वर्षों से उनकी वृद्धा पेंशन नहीं बन पा रही है और न ही समाज कल्याण विभाग, एटा उनकी कोई मदद कर रहा है, इस सम्बन्ध में उचित कार्यवाही हेतु वृद्धाश्रम प्रभारी वार्डेन को निर्देशित किया गया कि इस सम्बन्ध में उचित कार्यवाही कराना सुनिश्चित कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, एटा को ससमय सूचित करें। इन सब गम्भीर मुद्दों पर प्रभारी वार्डेन को निर्देशित किया गया कि वह इन सभी समस्यों का जल्द से जल्द निरस्तारण करायें, जिससे वृद्धजनों को किसी भी प्रकार की कोई कठिनाईयों का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर कासगंज रोड स्थित वृद्धा आश्रम, एटा की मिथलेश कुमारी, प्रभारी वार्डन, भण्डार प्रभारी विनीता उपाध्याय एवं कर्मचारीगण, वृद्धजन आदि लोग उपस्थित रहे।
