फसल सुरक्षा के लिए प्रशासन सख्त—प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत दावों के त्वरित निस्तारण के निर्देश
फसल क्षति से संबंधित शिकायत एवं दावे तत्काल टोल फ्री नंबर 14447 पर दर्ज कराए
एटा। जिलाधिकारी प्रेम रंजन सिंह की अध्यक्षता में हाल ही में हुई वर्षा से संभावित फसल क्षति के दृष्टिगत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक एनआईसी सभागार में आयोजित की गई। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी एवं नामित बीमा कंपनी के प्रतिनिधि आदि के द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक में उप निदेशक कृषि सुमित कुमार द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में इस वर्ष कुल 39,225 किसानों द्वारा फसल बीमा कराया गया है तथा कुल 5,206 हेक्टेयर क्षेत्रफल बीमित है। जनपद हेतु नामित बीमा कंपनी यूनिवर्सल सोमपो जनरल इंश्योरेंस कंपनी प्रा. लि. है।
जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि वर्षा के कारण संभावित फसल क्षति के मामलों में किसानों के दावों का त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित किसानों को समय से राहत मिल सके। बीमा कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा जानकारी दी गई कि व्यक्तिगत स्तर पर 10 प्रतिशत तक की फसल क्षति होने पर भी क्षतिपूर्ति का प्रावधान है।
किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फसल क्षति से संबंधित शिकायतें एवं दावे टोल-फ्री नंबर 14447 पर तत्काल दर्ज कराएं, जिससे उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान हो सके और उन्हें योजना का लाभ समय से प्राप्त हो।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों को योजना के प्रति अधिक से अधिक जागरूक किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रत्येक पात्र किसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ समय पर प्राप्त हो सके, इसके लिए राजस्व, कृषि एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि संयुक्त रूप से क्षति का आकलन कर किसानों को फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्षतिपूर्ति कराना सुनिश्चित करें, जिन क्षेत्रों में फसल की क्षति हुई है वहां पर बीमा कंपनी के प्रतिनिधि जाकर के किसानों के नुकसान का आंकलन कर टोल फ्री नंबर 14447 पर अवश्य दर्ज कराए ताकि कोई भी प्रभावित कृषक फसल बीमा के लाभ से वंचित न रहे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) लालता प्रसाद शाक्य, अपर उप जिलाधिकारी अनवर राशिद फारुकी, डीडी कृषि सुमित कुमार, नाबार्ड, एलडीए,जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, सहकारिता विभाग के अधिकारी तथा बीमा कंपनी के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।
