जिलाधिकारी ने ड्रेनेज खंड सकीट क्षेत्र में रजवाहों एवं माइनरों की सफाई का किया स्थलीय निरीक्षण
डीपीआर के अनुरूप कार्य न मिलने पर जताई असंतुष्टि, गुणवत्तापूर्ण सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश
एटा। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने शनिवार को जनपद के सकीट क्षेत्र स्थित ड्रेनेज खण्ड, एटा के अंतर्गत करीमपुर ड्रेन,अंगदपुर ड्रेन एवं घुटलई ड्रेन का सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथबरसात पूर्व कराई जा रही सिल्ट सफाई कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कई किलोमीटर तक पैदल भ्रमण कर सफाई कार्य की गुणवत्ता एवं वास्तविक स्थिति का गहन अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि सिंचाई विभाग द्वारा स्वीकृत डीपीआर एवं अनुबंध के अनुरूप सफाई कार्य नहीं कराया गया है। सफाई के दौरान निकाली गई सिल्ट एवं मिट्टी को किनारों पर तो रखा गया है, किन्तु उसका समुचित कम्पैक्शन (दबाने) का कार्य नहीं किया गया और न ही निकली सिल्ट को उचित दूरी पर डाला गया है, उन्होंने कहा कि बरसात होने की स्थिति में उक्त सिल्ट पुनः नहर में गिर सकती है, जिससे सफाई कार्य का उद्देश्य प्रभावित होगा।
जिलाधिकारी ने यह भी पाया कि अनेक स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा रजवाहों एवं बंबों की भीट काट दी गई है, जिसके विरुद्ध नॉर्दर्न इंडिया कैनाल एवं ड्रेनेज (इरिगेशन) अधिनियम के अंतर्गत अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घोर लापरवाही के कारण टेल तक पानी पहुंचने में विलंब होता है तथा पानी के कटान से खेतों एवं फसलों में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता सिंचाई को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि वर्तमान कार्य किसी भी दृष्टि से संतोषजनक नहीं है। उन्होंने निर्देश दिए कि डीपीआर एवं अनुबंध की शर्तों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सिल्ट सफाई कार्य तत्काल पूर्ण कराया जाए, निकाली गई सिल्ट का समुचित कम्पैक्शन सुनिश्चित किया जाए तथा जिन व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से भीट काटी गई है, उनके विरुद्ध नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए, सभी वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहकर सफाई कार्य अपनी देख रेख में पूर्ण कराए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि बरसात के दौरान जल निकासी में बाधा अथवा जलभराव के कारण गांवों, खेतों या फसलों को किसी प्रकार की क्षति होती है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की होगी तथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम सहित अन्य सुसंगत प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई तुषार कांति राजन,जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रदीप कुमार,सहायक अभियंता (एई), अवर अभियंता (जेई) आदि उपस्थित रहे।
