कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
उ0प्र0 गुंडा नियंत्रण अधिनियम 1970 के तहत पांच अभियुक्त किए गए जिला बदर
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के निर्देशन में अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों मे संलिप्तों पर प्रभावी कार्यवाही
एटा। जनपद में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट अरविन्द सिंह के निर्देशन में लगातार कठोर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में न्यायालय अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) द्वारा उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के अंतर्गत पांच अभियुक्तों को जिला बदर किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह के नेतृत्व में जनपद में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपराधियों एवं असामाजिक तत्वों के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन की मंशा जनपद में भयमुक्त एवं सुरक्षित वातावरण स्थापित करना है, जिसके अंतर्गत विधि-विरुद्ध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के अंतर्गत जिन अभियुक्तों को जिला बदर किया गया है, उनमें उमनेश उर्फ खलीफा पुत्र सुनहरी लाल, निवासी ग्राम मुहारा, मोहकमपुर, थाना मारहरा,
पीयूष राठौर पुत्र अजय पाल सिंह, निवासी सराय मिश्र, थाना कोतवाली नगर,आदिल पुत्र असलम, निवासी मोहल्ला लुहारी दरवाजा करखा, थाना अलीगंज,कृष्णा पुत्र संजय यादव, निवासी शीतलपुर, थाना कोतवाली नगर,रहीश पुत्र बजरूद्दीन, निवासी मोहल्ला शेखान करखा, थाना निधौली कला है।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने स्पष्ट किया है कि जनपद की शांति एवं कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले तथा असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध अथवा अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस एवं प्रशासन को उपलब्ध कराएं, जिससे जनपद में सुरक्षित, शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण बनाए रखा जा सके।
