मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ, जनपद में सजीव प्रसारण देखा गया
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36 शिक्षकों को वितरित किए गए प्रतीकात्मक कैशलेस चिकित्सा कार्ड
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विकसित भारत-2047 के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण : राज्यमंत्री धर्मवीर प्रजापति
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शिक्षकों का स्वास्थ्य सुरक्षित होगा तो शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी : जिलाधिकारी अरविन्द सिंह
एटा।। मा0 मुख्यमंत्री जी की अध्यक्षता में वाराणसी से आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के शुभारंभ, परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रति विद्यार्थी ₹1,200 की धनराशि अंतरण, शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने हेतु भारतीय स्टेट बैंक के साथ एमओयू निष्पादन तथा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के सम्मान समारोह का जनपद एटा में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), हरचंदपुर कला के सभागार में सजीव प्रसारण देखा एवं सुना गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति, विधायक मारहरा वीरेंद्र सिंह लोधी, जिलाधिकारी अरविन्द सिंह, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र सहित जनप्रतिनिधि, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिलाधिकारी द्वारा जनपद के 36 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के प्रतीकात्मक कार्ड वितरित किए गए। साथ ही शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों एवं उनके आश्रितों को योजना के अंतर्गत ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराए जाने संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
अपने संबोधन में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मवीर प्रजापति ने कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षक राष्ट्र के भावी नागरिकों का निर्माण करते हैं, इसलिए राज्य सरकार उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना से शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, विशेष शिक्षकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के शिक्षकों, विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों तथा उनके आश्रितों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्राप्त होगा।
जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी एवं कल्याणकारी पहल है। इस योजना के माध्यम से शिक्षकों एवं उनके आश्रितों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे गंभीर बीमारी की स्थिति में भी उन्हें आर्थिक चिंता के बिना बेहतर उपचार मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शिक्षक ही विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने सभी पात्र शिक्षकों एवं कर्मचारियों से योजना का अधिकतम लाभ उठाने तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जिला प्रशासन शिक्षकों के हितों के संरक्षण एवं शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
विधायक मारहरा वीरेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि शिक्षक समाज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों के संवर्धन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुपम अवस्थी, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह, जिला महामंत्री सुशील कुमार गुप्ता, संतोष चौहान, जिला उपाध्यक्ष पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रेमलता लोधी, संजय शर्मा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में शिक्षक तथा शिक्षा विभाग के कर्मचारी आदि उपस्थित रहे।
